
लखनऊ, 3 मई . कांग्रेस ने भाजपा पर महिला आरक्षण बिल को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया है. पार्टी के सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि वर्ष 2023 में पास किया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महज एक बहाना था.
इमरान प्रतापगढ़ी ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा, “भाजपा ने महिला आरक्षण बिल पास तो करवा लिया, लेकिन यह महज एक बहाना था. इसके जरिए वह भारत की राजनीतिक का नक्शा बदलना चाहते थे. असल में, परिसीमन बिल ही इसके पीछे का छिपा हुआ एजेंडा था. विपक्ष ने उस एजेंडे को जोरदार तरीके से नाकाम कर दिया और भाजपा को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा.”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का मकसद महिलाओं को न्याय दिलाना नहीं है. अगर उनका इरादा सच्चा होता तो हाथरस समेत देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर वह चुप नहीं रहती.
वहीं, कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा, “महिला आरक्षण बिल का कोई विरोध नहीं था. यह 2023 में ही पास हो चुका था और समिति से भी मंजूरी मिल गई थी. फिर भी भाजपा इसे लागू करने में क्यों हिचकिचा रही है?”
उन्होंने कहा, “उन्हें (भाजपा) महिलाओं को उनके अधिकार और प्रतिनिधित्व देने में क्या समस्या है? वह इसमें देरी क्यों कर रही है? इस बार वे जो बिल लाए थे, वह असल में परिसीमन के बारे में था. उनका इरादा अपनी राजनीतिक भलाई के हिसाब से सीमाओं को फिर से तय करना था, खासकर दक्षिणी राज्यों के साथ असंतुलन पैदा करना था.”
उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा असंतुलन की राजनीति कर पूरे देश में अशांति और भ्रम पैदा करना चाहती है.
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण की बजाय परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों के नए बंटवारे के जरिए अपना राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है. पार्टी का कहना है कि अगर भाजपा महिलाओं की भागीदारी को लेकर गंभीर होती तो बिल पास होने के इतने समय बाद भी इसे लागू करने में देरी नहीं करती.
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एससीएच/डीकेपी