योग दिवस : गुजरात में कार्यक्रमों में ‘व्यायाम को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने’ पर दिया जोर

गांधीनगर, 21 जून . गुजरात में रविवार को बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया. इसमें मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, छात्रों और नागरिकों ने सामूहिक योग सेशन में हिस्सा लिया और योग को सालाना करने के बजाय रोजमर्रा की जिंदगी का रेगुलर हिस्सा बनाने की जरूरत पर जोर दिया.

पोरबंदर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस शहर के समुद्र किनारे मनाया गया. जहां लोग सुबह की हवा और अरब सागर के नजारे के बीच इकट्ठा हुए.

राज्य के फॉरेस्ट और एनवायरनमेंट मिनिस्टर अर्जुन मोढवाडिया ने लोगों, योग करने वालों और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर योग किया.

लोगों को संबोधित करते हुए मोढवाडिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों से दुनिया को योग की पुरानी प्रैक्टिस से जोड़ने में कामयाब रहा है.

यूनाइटेड नेशंस द्वारा 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के तौर पर मान्यता दिए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह कामयाबी देश के लिए गर्व की बात है.

मोढवाडिया ने कहा कि पीढ़ियां बदलती रहेंगी, लेकिन देश हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की पुरानी योग परंपरा को ग्लोबल पहचान दिलाने के लिए याद रखेगा.

उन्होंने योग को भारत की कल्चरल विरासत का एक अहम हिस्सा बताया और कहा कि यह शरीर, मन और आत्मा के पूरे विकास में मदद करता है.

मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे योग को सिर्फ एक दिन के जश्न तक सीमित न रखें.उन्होंने कहा कि हमें योग को सिर्फ एक दिन के सेलिब्रेशन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा बनाना चाहिए.

पोरबंदर इवेंट में शामिल लोगों ने प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के प्रोग्राम का लाइव ब्रॉडकास्ट भी देखा.

प्रोग्राम में चुने हुए प्रतिनिधि, जिला अधिकारी, कोस्ट गार्ड और नेवी के अधिकारी और स्थानीय लोग शामिल हुए.

गांधीनगर में गुजरात स्टेट योग बोर्ड और गांधीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने सेंट्रल विस्टा गार्डन में स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग थीम पर आधारित एक खास योग प्रोग्राम आयोजित किया.

वित्त राज्यमंत्री कमलेश पटेल ने इवेंट में हिस्सा लिया और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर में योग की भूमिका पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि 2014 में यूनाइटेड नेशंस द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए भारत के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद से योग एक एक्सरसाइज के रूप से ग्लोबल लाइफस्टाइल मूवमेंट बन गया है. रेगुलर प्रैक्टिस से लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक सेहत बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

उन्होंने कहा कि हेल्थ इंश्योरेंस बीमार पड़ने पर हॉस्पिटल के बिल भरता है, जबकि योग रोज का प्रीमियम है जो बीमारी को दूर रखता है.

उन्होंने लोगों को, खासकर घर की जिम्मेदारियां संभालने वाली महिलाओं को, जब भी हो सके, अपने रोजाना के रूटीन में आसान योग प्रैक्टिस को शामिल करने के लिए बढ़ावा दिया.

कमलेश पटेल ने कहा कि जैसे स्मार्टफोन को रोजाना चार्ज करने की जरूरत होती है, वैसे ही योग शरीर और मन के लिए एक पावरफुल चार्जर है.

उन्होंने प्राणायाम को सांस की सेहत को सपोर्ट करने का एक नेचुरल तरीका भी बताया.

डीकेएम/पीएम