‘आपने मेरी मां की जान बचाई’, भारतीय पायलट स्मित मच्छार को इजरायली बेटे ने दिल से शुक्रिया कहा

तेल अवीव, 1 अक्टूबर . फ्लाईदुबई फ्लाइट हादसे के बाद हर तरफ भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ हो रही है. ऐसे में एक इजरायली व्‍यक्‍त‍ि ओफिर स्पीगल ने भी कैप्टन स्मित का आभार जताया. से बात करते हुए ओफ‍िर ने कहा, मेरा यह संदेश उन तक पहुंचा सकें, तो उन्‍हें दिल से धन्यवाद कहना. ‘आपने मेरी मां की जान बचाई है.’

बातचीत के दौरान ओफिर स्पीगल ने अपनी मां के हवाले से व‍िमान हादसे के बारे में जानकारी दी. उन्‍होंने बताया क‍ि मेरी मां उस हादसे के दौरान व‍िमान में मौजूद थीं. जब अपहरण की कोशिश हुई, तब विमान अचानक नीचे गिरा, करीब 20 या 30 सेकंड के लिए. मेरी मां ने बताया कि वह पल बहुत ही डरावना था.

स्पीगल ने बताया कि मेरी मां अपनी सीट पर बैठी थीं. एक महिला अपनी बेटी को टॉयलेट ले जा रही थी. जब वे टॉयलेट के पास पहुंचीं, तभी मेरी मां ने कॉकपिट से कुछ अजीब आवाजें सुनीं. उन्होंने लोगों से कहा, ‘कुछ हुआ है, प्लीज आइए.’ इसके बाद कुछ यात्री कॉकपिट के अंदर गए और पायलट की हमलावर से मुकाबला करने में मदद की.

स्पीगल ने अपनी मां के स्‍वास्‍थ्‍य की जानकारी देते हुए बताया क‍ि अब वह ठीक हैं. वह दिन बहुत मुश्किल था. मुझे लगता है कि वह हमारी जिंदगी के सबसे मुश्किल दिनों में से एक था. अब वह ठीक हैं और घर पर हैं. अब उन्हें आराम करने और यह समझने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए कि उनके साथ आखिर हुआ क्या था.

स्पीगल ने कहा क‍ि मुझे बाद में पता चला क‍ि कैप्टन स्मित मच्छार एक भारतीय पायलट हैं. मैं भारत के सभी लोगों को धन्यवाद कहना चाहता हूं. भारत एक शानदार देश है और वहां के लोग भी बहुत अच्छे हैं. मुझे लगता है कि वह पायलट स्मित आपके देश के सबसे बेहतरीन लोगों में से एक हैं. हम उनके बहुत आभारी हैं.

उन्‍होंने कहा, ”आपने बहुत बड़ा काम किया है. आपने मेरी अपनी मां की जान बचाई. आपने दुबई और इजरायल से आए सभी यात्रियों की जान बचाई. इसके लिए हम दिल से आपका बहुत-बहुत धन्यवाद कहना चाहते हैं. हम इसके लिए बेहद आभारी हैं.”

स्पीगल ने कहा क‍ि मुझे नहीं पता कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने क्या कहा लेकिन मैं कैप्टन की बहादुरी के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं. हम सभी उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं. हम उनके और उनके परिवार के लिए शुभकामनाएं देते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह जल्द ठीक हो जाएंगे. बस हम और क्या कह सकते हैं उस कैप्टन के ल‍िए, जिन्होंने दूसरों की जान बचाने के ल‍िए अपनी जान की बाजी लगा दी.

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एवाई/पीएम