
अमरावती, 21 जुलाई . राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के एक दिन बाद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने कहा कि छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शन को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ संभाला जाना चाहिए. पार्टी ने केंद्र की एनडीए सरकार से छात्रों की वास्तविक चिंताओं को सुनकर सार्थक समाधान निकालने की अपील की.
वाईएसआर कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी पोस्ट में कहा, “लोकतंत्र केवल कायम रहना ही नहीं चाहिए, बल्कि ऐसा दिखाई भी देना चाहिए.”
पार्टी ने कहा कि नई दिल्ली में छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ संभालने की जरूरत है. सरकारों को उनकी वास्तविक चिंताओं को सुनना चाहिए और सार्थक समाधान की दिशा में काम करना चाहिए. साथ ही, शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है और प्रदर्शनकारियों को भी संयम बरतते हुए विरोध को शांतिपूर्ण बनाए रखना चाहिए.
वाईएसआरसीपी ने कहा कि नीट पेपर लीक ने छात्रों और अभिभावकों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर किया है. ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधार लागू किए जाने चाहिए.
पार्टी ने आंध्र प्रदेश में डीएससी (डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमेटी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया. उसने कहा कि डीएससी परीक्षा में पेपर लीक, गड़बड़ी और कदाचार के सबूत सामने आए हैं. इस मामले को राजनीतिक विवाद बनाने के बजाय किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए.
वाईएसआर कांग्रेस ने कहा कि चाहे मामला नीट का हो या डीएससी का, छात्रों के भविष्य से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. सच्चाई सामने लाना, परीक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना हर लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है.
पार्टी ने पिछले महीने वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से कहा था कि डीएससी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं पर जेनरेशन-जी की नजर है और जल्द ही जेनरेशन अल्फा भी सामने आएगी.
जगन मोहन रेड्डी ने यह भी कहा था कि यदि सरकार अपनी गलतियां स्वीकार करने के बजाय युवाओं को परेशान करेगी तो “कॉकरोच उठ खड़े होंगे.” उन्होंने यह भी टिप्पणी की थी कि “आंध्र प्रदेश में हम भी कॉकरोच हैं.” यह टिप्पणी उन्होंने नीट पेपर लीक के बाद जनता कॉकरोच पार्टी (सीजेपी) द्वारा शुरू किए गए आंदोलन के संदर्भ में की थी. उनके अनुसार, जब युवाओं को ठेस पहुंचती है तो वे इसी तरह के आंदोलन का रास्ता अपनाते हैं.
–
डीएससी