
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर . केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, खान मंत्रालय द्वारा ‘स्वच्छता ही सेवा- 2026’ अभियान के अंतर्गत यशवंत प्लेस, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित किए जा रहे ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ सामूहिक स्वैच्छिक श्रमदान कार्यक्रम में भाग लेंगे.
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाईकर्मियों के साथ स्वच्छता गतिविधियों में शामिल होंगे और सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव में लगे कर्मियों से बातचीत करेंगे. एक घंटे का यह सामूहिक श्रमदान प्रतिभागियों को आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता और रखरखाव के लिए एक साझा प्रयास में एकजुट करेगा. इससे जन भागीदारी, कार्य की गरिमा और स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बल मिलेगा.
खान मंत्रालय की व्यापक स्वच्छता ही सेवा पहल के अंतर्गत, खान मंत्रालय ने नई दिल्ली के नेताजी नगर स्थित जीपीओए-3 में एक पार्क को योजनाबद्ध भूनिर्माण, सौंदर्यीकरण और आसपास के क्षेत्र के सुधार के लिए गोद लिया है. इस पहल का उद्देश्य चिन्हित स्थान को स्वच्छ, हरा-भरा और सुव्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र के रूप में विकसित करना है. इसके साथ ही सतत तौर-तरीकों को बढ़ावा देना और साझा स्थानों के प्रति अधिक स्वामित्व की भावना विकसित करना है.
केंद्रीय मंत्री जीपीओए-3 में ई-कचरा संग्रहण स्टॉल का भी उद्घाटन करेंगे. यह स्वच्छता ही सेवा-2026 के तहत एक और महत्वपूर्ण पहल है. यह स्टॉल बेकार इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों के संग्रहण को सुगम बनाएगा और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-कचरे के निपटान के तौर-तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा. यह पहल ई-कचरे के पृथक्करण, संग्रहण और अधिकृत पुनर्चक्रण के महत्व के बारे में जागरूकता भी पैदा करेगी.
ई-कचरा संग्रहण अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक एक महीने के लिए चलाया जाएगा. इस अवधि के दौरान, अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने बेकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को निर्धारित संग्रहण केंद्र पर लाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. एकत्रित ई-कचरे को अधिकृत तंत्रों के माध्यम से उचित पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए भेजा जाएगा.
इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य ई-कचरे के संसाधन मूल्य को उजागर करना होगा, विशेष रूप से इससे प्राप्त होने वाले महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य मूल्यवान सामग्रियों की पुनर्प्राप्ति की संभावना को. इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उत्पादों में कई प्रकार की सामग्रियां होती हैं, जिन्हें उचित पुनर्चक्रण और प्रसंस्करण के माध्यम से पुनः प्राप्त किया जा सकता है. इनकी पुनर्प्राप्ति संसाधन दक्षता में योगदान दे सकती है, प्राकृतिक सामग्रियों पर निर्भरता कम कर सकती है और चक्रीय अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों का समर्थन कर सकती है.
यह पहल खान मंत्रालय के उन व्यापक प्रयासों के अनुरूप है. इनका उद्देश्य संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग, चक्रीय अर्थव्यवस्था की कार्यप्रणाली और द्वितीयक स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिजों की पुनर्प्राप्ति को बढ़ावा देना है. स्वच्छता को जिम्मेदारीपूर्ण ई-कचरा प्रबंधन और संसाधन पुनर्प्राप्ति से जोड़कर, यह अभियान दैनिक जीवन में सतत तौर-तरीकों को प्रोत्साहित करेगा.
खान मंत्रालय स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां जारी रखे हुए है. इनमें स्वच्छता, सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण स्थिरता और नागरिक भागीदारी पर विशेष बल दिया गया है. यशवंत प्लेस और जीपीओए-3 में शुरू की गई पहल स्वच्छता को एक सतत सामूहिक प्रयास बनाने और स्वच्छ, हरित और अधिक संसाधन-कुशल भविष्य को बढ़ावा देने के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेंगी.
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एससीएच/एबीएम