
डालियान (चीन), 25 जून . आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक ताकत के रूप में उभर रहा है और दुनिया की चुनौतियों जैसे सस्टेनेबल शहर बनाने और वैज्ञानिक खोज को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा. साथ ही, भारत में मौजूद युवाओं का विशाल टैलेंट पूल इसे वैश्विक एआई इकोसिस्टम में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार करता है. यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से गुरुवार को दी गई.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की ‘एनुअल मीटिंग ऑफ द न्यू चैंपियंस’ (समर दावोस) के दौरान से बात करते हुए, ‘इंट्यूटिव एआई’ के सह-संस्थापक विवेक व्यास ने बताया कि उनकी कंपनी ने एआई-पावर्ड वेस्ट मैनेजमेंट सॉल्यूशन तैयार किए हैं. इनका मकसद शहरों को साफ-सुथरा और ज्यादा सस्टेनेबल बनाना है.
कनाडा की यह कंपनी पर्यावरण के लिहाज से जिम्मेदार तरीके से कचरे को प्रोसेस करने और उसे ठिकाने लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करती है. व्यास के मुताबिक, कंपनी का एआई-केंद्रित स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट प्रोडक्ट एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, शॉपिंग मॉल और अधिक भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लगाने के लिए डिजाइन किया गया है.
व्यास ने से कहा कि भारत एक बहुत बड़ी अर्थव्यवस्था है और काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है. युवा, स्किल्ड और इंटेलिजेंट वर्कफोर्स देश की सबसे बड़ी मजबूती है.
इसके अतिरिक्त, रिसर्च और इनोवेशन में एआई की बदलाव लाने वाली क्षमता का जिक्र करते हुए, एटिनरी टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक और सीईओ डॉ. हरमन ट्राइबुकैट ने कहा कि यह टेक्नोलॉजी वैज्ञानिकों को रिसर्च और डेवलपमेंट (आरएंडडी) की रफ्तार बढ़ाने और ज्यादा कुशलता से समाधान खोजने में मदद कर रही है.
ट्राइबुकैट ने को बताया, “एआई, आरएंडडी की रफ्तार बढ़ाकर और वैज्ञानिकों को तेजी से समाधान खोजने में मदद करके वैज्ञानिक रिसर्च में बदलाव ला रहा है.”
उन्होंने कहा कि तेजी से होने वाला वैज्ञानिक इनोवेशन, दवा, साफ-सुथरी ऊर्जा और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने वाले अन्य क्षेत्रों में बड़ी कामयाबी दिला सकता है.
ट्रिबुकैट के अनुसार, साइंस और एआई का विकास इस तरह होना चाहिए जिससे मानवता को फायदा हो.
एटिनरी टेक्नोलॉजीज के सीईओ ने भारत के बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम की भी तारीफ की और कहा कि देश में टैलेंटेड इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और युवा इनोवेटर्स का एक बड़ा समूह मौजूद है.
ट्रिबुकैट ने आगे कहा, “एआई-आधारित रिसर्च में सही निवेश के साथ, भारत वैश्विक वैज्ञानिक प्रगति में अहम योगदान दे सकता है.”
23 जून को शुरू हुआ समर दावोस गुरुवार को खत्म होगा. तीन दिन तक चले इस सम्मेलन में ‘इनोवेटिंग एट स्केल’ (बड़े पैमाने पर इनोवेशन) थीम के तहत वैश्विक अर्थव्यवस्था और इनोवेशन पर चर्चा करने के लिए 1,700 से अधिक लीडर्स एक साथ आए.
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एबीएस