छात्रों के समर्थन में उतरे कई बॉलीवुड सितारे, पूजा भट्ट से लेकर सोनाक्षी सिन्हा तक ने उठाई आवाज

मुंबई, 21 जुलाई . दिल्ली में जंतर-मंतर तक मार्च के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर बल प्रयोग की खबरों के बीच बॉलीवुड के कई सितारों ने छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है. अभिनेत्री पूजा भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी, जेनेलिया देशमुख समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों की बात सुने जाने और उनकी चिंताओं का समाधान किए जाने की अपील की है.

पूजा भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, “जब पुलिस या कानून लागू करने वाली एजेंसियां छात्रों के खिलाफ आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल करती हैं, तो यह सरकार द्वारा खुद को बचाने जैसा होता है. इसके बाद इस हिंसा को ‘कानून व्यवस्था’ जैसे शब्दों के पीछे छिपाकर सही ठहराया जाता है, क्योंकि विरोध की आवाज को दबाने से सत्ता में बैठे लोगों का अधिकार सुरक्षित रहता है.”

वहीं, अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “20 जुलाई… बहुत लोगों की हड्डियां टूटीं और एक पूरे देश का दिल टूटा. याद रखना.”

अदिति राव हैदरी ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक लंबा नोट साझा किया. उन्होंने लिखा, “किसी की भी राजनीतिक सोच अलग हो सकती है, लेकिन सबसे पहले इंसानियत को महत्व दिया जाना चाहिए. हमें अपने बहादुर छात्रों और अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे हर व्यक्ति के लिए सम्मान, गरिमा और संवेदनशीलता से भरा सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना चाहिए. एक-दूसरे की बात सुनना ही सार्थक प्रगति की नींव है. हमारे छात्र ही हमारे देश का भविष्य हैं.”

अभिनेत्री जेनेलिया देशमुख ने भी छात्रों के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया. उन्होंने लिखा, “हम अपने देश के युवाओं के साथ एकजुटता से खड़े हैं. उनकी आवाज बिना किसी डर के, साफ और मजबूती से सुनी जानी चाहिए. युवा हमारे लोकतंत्र की धड़कन हैं और देश के भविष्य के असली निर्माता भी. आइए, उनकी बात सुनें, उनका साथ दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाएं. हमारे युवाओं की ऊर्जा, साहस और सपने ही उस भारत का निर्माण करेंगे, जिसकी हम कल्पना करते हैं. जय हिंद.”

बताया जा रहा है कि संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थक शामिल थे. यह विरोध प्रदर्शन मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (नीट) में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर आयोजित किया गया था. प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की. इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए थे. बाद में दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें भर्ती कराया गया.

पीके/पीएम