दक्षिण कोरिया: पूर्व राष्ट्रपति यून चुनाव कानून उल्लंघन मामले में दोषी करार, उनका दल गंवा सकता है बड़ी रकम

सोल, 27 जुलाई . दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को चुनाव संबंधी नियमों के उल्लंघन का दोषी करार दिया. इस फैसले के बाद मुख्य विपक्षी पीपुल पावर पार्टी (पीपीपी) पर 2022 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए चुनावी खर्च के रूप में मिली करीब 39.7 अरब वॉन (करीब 2.73 करोड़ अमेरिकी डॉलर) की सरकारी प्रतिपूर्ति लौटाने का खतरा मंडरा रहा है.

सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने यून सुक-योल को 18 महीने की जेल की सजा सुनाई, हालांकि इसे तीन साल के लिए निलंबित कर दिया गया. अदालत ने माना कि मार्च 2022 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले पीपीपी के उम्मीदवार के रूप में उन्होंने झूठे बयान दिए थे.

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, यदि अपील की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह फैसला बरकरार रहता है, तो पीपीपी को चुनाव आयोग द्वारा 2022 के चुनाव में यून की जीत के बाद चुनावी खर्च के लिए दी गई 39.7 अरब वॉन की राशि वापस करनी होगी.

दक्षिण कोरिया के चुनाव कानून के तहत, यदि किसी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को कम से कम 15 प्रतिशत वोट मिलते हैं, तो उसकी पार्टी को चुनावी खर्च की प्रतिपूर्ति की जाती है. लेकिन यदि चुनाव कानून के उल्लंघन के मामले में उम्मीदवार को अंतिम रूप से 10 लाख वॉन या उससे अधिक का जुर्माना या जेल की सजा मिलती है, तो पार्टी को यह राशि लौटानी पड़ती है.

यून के वकीलों ने अदालत के फैसले में कई त्रुटियों का हवाला देते हुए उच्च अदालत में अपील करने की घोषणा की है.

इससे पहले विशेष वकील मिन जूंग-की की टीम ने यून के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था. आरोप था कि उन्होंने दिसंबर 2021 में एक प्रेस कार्यक्रम के दौरान झूठा दावा किया था कि उन्होंने कभी एक वकील का परिचय पूर्व कर अधिकारी से नहीं कराया.

इसके अलावा, उन पर जनवरी 2022 में दिए गए एक साक्षात्कार में भी झूठ बोलने का आरोप है. उन्होंने कहा था कि पार्टी के एक अधिकारी ने उनकी मुलाकात शमन जियोन सियोंग-बे से कराई थी, और उन्होंने अपनी पत्नी किम केओन-ही के साथ जियोन से मिलने से भी इनकार किया था.

अदालत ने दोनों मामलों में यून को दोषी माना और विशेष वकील की इस दलील को स्वीकार किया कि उन्होंने वास्तव में वकील का परिचय पूर्व कर अधिकारी से कराया था और अपनी पत्नी के माध्यम से जियोन से मुलाकात भी की थी.

अदालत ने अपने फैसले में कहा, “यह अपराध बेहद गंभीर है, क्योंकि मतदाताओं की गहरी रुचि वाले मुद्दे पर झूठी जानकारी सार्वजनिक की गई.”

विशेष वकील की टीम ने यून के लिए दो साल की जेल की मांग की थी.

यदि मामला Supreme Court तक जाता है, तो अंतिम फैसला अगले वर्ष जनवरी तक आने की संभावना है.

विशेष वकील कानून के तहत, इस तरह के मामलों का निपटारा निचली अदालत में छह महीने के भीतर, जबकि हाई कोर्ट और Supreme Court में तीन-तीन महीने के भीतर किया जाना आवश्यक है.

यह पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल के खिलाफ हाल के समय का एक और दोषसिद्धि का मामला है. दिसंबर 2024 में मार्शल लॉ लागू करने की उनकी असफल कोशिश के बाद से वह कई मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं.

इससे पहले फरवरी में उन्हें विद्रोह का नेतृत्व करने के मामले में निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. उस फैसले के खिलाफ भी उन्होंने अपील दायर कर रखी है.

केआर/