सोशल मीडिया और इंटरनेट से फैल रहा आतंकी नेटवर्क: दिलीप घोष

कोलकाता, 2 अगस्त . पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने एसटीएफ द्वारा जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट की वजह से आतंकी नेटवर्क बनाना आसान हो गया है. पुलिस ने डिजिटल माध्यमों की सहायता से ही आरोपियों को पकड़ा. जांच में दुबई और पाकिस्तान कनेक्शन के संकेत भी मिले हैं.

दिलीप घोष ने कहा, “जैश-ए-मोहम्मद का मॉड्यूल कुछ समय से सक्रिय है. इसकी गतिविधियों के बारे में पहले भी खबरें आई थीं. पुलिस ने गिरफ्तारियां की हैं. जांच से पता चलेगा कि इस मॉड्यूल से और कौन-कौन जुड़ा है और इसका नेटवर्क कितना फैला हुआ है. गहन जांच से ही असलियत सामने आएगी. पूरी संभावना है कि इसके तार पाकिस्तान से जुड़े हों.”

उन्होंने कहा, “आज इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन, सोशल मीडिया और इंटरनेट की वजह से लोगों के लिए संपर्क बनाना बहुत आसान हो गया है. इन्हीं डिजिटल माध्यमों से पुलिस आरोपियों का पता लगा पाई और उन्हें गिरफ्तार कर पाई. दुबई और पाकिस्तान से संपर्क की जो खबरें हैं, वे अब जांच का हिस्सा हैं. अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पूरा नेटवर्क तुरंत उजागर हो जाएगा.”

सीएम सुवेंदु अधिकारी द्वारा 300 मतुआ लोगों को नागरिकता प्रमाणपत्र दिए जाने पर दिलीप घोष ने कहा, “सीएए से पहले एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई थी. सीएए का मकसद बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख और अन्य खास अल्पसंख्यक समुदायों के उन लोगों को भारतीय नागरिकता देना है जो उत्पीड़न का शिकार हुए हैं. पश्चिम बंगाल में सीएए को लागू करने की प्रक्रिया पहले आगे नहीं बढ़ पाई थी, और कई पात्र लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पाया था. अब सरकार ने यह प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसे लागू करने का काम आगे बढ़ रहा है.”

उन्होंने ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा, “जनगणना को लागू नहीं होने दिया गया था. यह 15 साल बाद हो रही है. यह पूरे देश में जून 2025 में शुरू हुई थी. लेकिन पश्चिम बंगाल में इसे लागू नहीं होने दिया गया क्योंकि फर्जी वोटरों को वोटर लिस्ट में बनाए रखा गया था और साजिश उनके वोटों से चुनाव जीतने की थी. हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद, पहली ही बैठक में इसे लागू किया गया. अब जनगणना शुरू हो गई है.”

उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की और कहा कि जिन लोगों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

दिलीप घोष ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, “युवाओं और छात्रों को भड़काना और गुमराह करना बहुत आसान है. यहां के आंदोलनकारी और कम्युनिस्ट बार-बार ऐसा करते रहते हैं. इसमें विदेशी ताकतें भी शामिल हैं. विदेशों से सैकड़ों करोड़ रुपये आते हैं और इन बच्चों को उकसाया जाता है. वे विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और लाठीचार्ज का सामना कर रहे हैं, जबकि दूसरे लोग फाइव-स्टार होटलों में पार्टियां कर रहे हैं. अब यह सब सामने आ गया है. जिन बच्चों को उन्होंने गुमराह किया और ऐसी गलत गतिविधियों में शामिल किया, वे अभी युवा हैं. यहां तक ​​कि कोर्ट ने भी उन्हें माफ कर दिया.”

साथ ही, उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के प्रदर्शन की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सालों में खेलों में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है. सरकार की ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत गांवों, स्कूलों और कॉलेजों के बच्चों की पहचान की जा रही है, उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है और कॉम्पिटिटिव स्पोर्ट्स के लिए तैयार किया जा रहा है. नीरज चोपड़ा ने विदेश में ट्रेनिंग लेने के बाद गोल्ड मेडल जीता. कुश्ती और बॉक्सिंग जैसे खेलों में, जिनमें भारत का प्रदर्शन पारंपरिक रूप से अच्छा रहा है, नतीजे और भी बेहतर हो रहे हैं.”

पीआईएम/एएस