
गुवाहाटी, 6 अगस्त . असम सरकार ने भूटान में बांध के गेट खोलने के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति पैदा होने के दावों का खंडन किया है. सरकार ने इन दावों को बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत बताया है.
राज्य के मुख्य सचिव रवि कोटा ने एक बयान में कहा कि ‘भूटान नदी: 3 गेट खोले गए’ जैसी एडवाइजरी शेयर की जा रही है, जिसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है. भूटान के हाइड्रोलॉजी विभाग की ओर से शेयर जानकारी इसके उलट थी.
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि नदी के बहाव में हालिया बढ़ोतरी ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण हुई है, न कि भूटान में बांधों से पानी छोड़े जाने की किसी घटना के कारण है.
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भूटान के अधिकारियों ने असम को सूचित किया कि कुरिच्छू जलविद्युत संयंत्र ने नियमित रखरखाव कार्यों के हिस्से के रूप में 21 जुलाई को जलाशय की सफाई की प्रक्रिया की थी. यह प्रक्रिया स्थापित प्रक्रियाओं के तहत की गई थी और नदी के जलस्तर में मौजूदा बढ़ोतरी से इसका कोई संबंध नहीं था.
भूटान के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में पानी छोड़ने की कोई आपातकालीन प्रक्रिया नहीं चल रही है. उन्होंने दोहराया कि सभी प्रमुख बांध संचालन मानक संचालन प्रोटोकॉल के अनुसार किए जाते हैं और निचले इलाकों के हितधारकों को आधिकारिक संचार माध्यमों से काफी पहले सूचित किया जाता है.
असम के मुख्य सचिव ने कहा कि असम और भूटान के बाढ़ नियंत्रण अधिकारी लगातार समन्वय बनाए हुए हैं और बारिश के पैटर्न, नदी के जलस्तर और निचले इलाकों पर असर डालने वाली किसी भी घटनाक्रम पर वास्तविक समय में जानकारी का आदान-प्रदान कर रहे हैं.
सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे बाढ़ से संबंधित घटनाक्रमों के बारे में बिना पुष्टि वाली सोशल मीडिया पोस्ट या अफवाहों पर भरोसा न करें. सरकार ने जनता से यह भी अपील की कि वे सिर्फ अधिकारियों की ओर से जारी आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करें.
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डीसीएच/