
भोपाल, 7 अगस्त . मध्य प्रदेश में अपेक्षा के अनुरूप या यूं कहें औसत वर्षा नहीं हुई है, जिससे खेती किसानी प्रभावित हो रही है. राज्य की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि राज्य के 48 जिलों में सूखे जैसे हालात है, लिहाजा सरकार को राहत पैकेज देना चाहिए.
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि किसानों को कीट नियंत्रण की दवाएं निशुल्क उपलब्ध करवाएं. साथ ही फसल बीमा के दावों का त्वरित भुगतान, समय-सीमा घोषित हो.
राज्य की स्थिति को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”मध्य प्रदेश के 48 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं. धान, सोयाबीन और मक्का की फसलें बारिश की कमी और कीट प्रकोप से बर्बादी की ओर बढ़ रही हैं.”
कम वर्षा होने के कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रभावित हो रही खेती की चर्चा करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि जबलपुर में धान के खेतों में दरारें पड़ चुकी हैं और उज्जैन संभाग में सोयाबीन पर इल्ली का हमला किसानों की मेहनत निगल रहा है. सरकार मौसम का इंतजार न करे, अपनी जिम्मेदारी भी निभाए.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रभावित जिले में विशेष गिरदावरी, फसल सर्वे करवाया जाए. कीट नियंत्रण की दवाएं किसानों को निशुल्क उपलब्ध करवाएं. साथ ही फसल बीमा के दावों का त्वरित भुगतान, समय-सीमा घोषित हो. संभावित नुकसान की भरपाई के लिए अग्रिम राहत पैकेज जारी किया जाए.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि किसान आसमान के साथ सरकार को भी देख रहा है. संकट आने के बाद नहीं, संकट बढ़ने से पहले सरकार किसानों के साथ खड़ी हो.
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एसएनपी/एसके