
नई दिल्ली, 11 अगस्त . ओबेरॉय ग्रुप की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनी ईआईएच लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं. इस दौरान, कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) तिमाही आधार पर करीब 52 प्रतिशत घटकर 120.31 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की मार्च तिमाही में 249.10 करोड़ रुपए था. हालांकि सालाना आधार पर कंपनी के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है.
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, जून 2026 तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व (रेवेन्यू) 656.96 करोड़ रुपए रहा, जो मार्च 2026 तिमाही के 895.22 करोड़ रुपए की तुलना में 26.61 प्रतिशत कम है. हालांकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का राजस्व 573.58 करोड़ रुपए था, जिसके मुकाबले इस बार अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है.
कंपनी का शुद्ध लाभ (पीएटी) भी सालाना आधार पर मजबूत रहा. जून 2025 तिमाही में ईआईएच का मुनाफा 36.88 करोड़ रुपए था, जो बढ़कर इस वर्ष 120.31 करोड़ रुपए हो गया.
तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय घटकर 697.94 करोड़ रुपए रह गई, जबकि मार्च तिमाही में यह 953.95 करोड़ रुपए थी. हालांकि वर्ष-दर-वर्ष आधार पर यह 609.06 करोड़ रुपए से बढ़ी है, जो कंपनी के परिचालन में सुधार का संकेत देती है.
वहीं, कंपनी के कुल खर्च जून तिमाही में 533.02 करोड़ रुपए रहे, जो मार्च तिमाही के 605.33 करोड़ रुपए से कम है, लेकिन एक साल पहले की समान अवधि के 452.95 करोड़ रुपए की तुलना में अधिक है.
विशेष मदों, सहयोगी कंपनियों और संयुक्त उपक्रमों से प्राप्त लाभांश तथा कर से पहले कंपनी का लाभ 164.92 करोड़ रुपए रहा. यह पिछले मार्च तिमाही के 348.62 करोड़ रुपए की तुलना में काफी कम है, लेकिन जून 2025 तिमाही के 156.11 करोड़ रुपए से बेहतर है.
इसी प्रकार, कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) जून 2026 तिमाही में 169.31 करोड़ रुपए रहा, जबकि मार्च तिमाही में यह 368.34 करोड़ रुपए था. वहीं एक वर्ष पहले यह केवल 54.18 करोड़ रुपए था.
कंपनी ने बताया कि चालू तिमाही में कोई असाधारण मद नहीं रही. इसके विपरीत, जून 2025 तिमाही में 110.49 करोड़ रुपए और मार्च 2026 तिमाही में 132.08 करोड़ रुपए की असाधारण मदें शामिल थीं, जिसका असर लाभ के आंकड़ों पर पड़ा था.
कर व्यय भी तिमाही आधार पर घटकर 49 करोड़ रुपए रह गया, जबकि मार्च तिमाही में यह 119.24 करोड़ रुपए था. एक साल पहले इसी अवधि में कर व्यय 17.30 करोड़ रुपए था.
इसके अलावा, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 को समाप्त तीन महीनों के आंकड़े ऑडिटेड वार्षिक परिणामों और 31 दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों के प्रकाशित लेकिन सीमित समीक्षा वाले वित्तीय आंकड़ों के बीच संतुलनकारी आंकड़े हैं.
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डीबीपी