राहुल गांधी को इटली के वकील की नसीहत, विदेशी नेताओं के लिए हो सम्मानजनक भाषा

रोम, 15 अगस्त . लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीते दिन ऐसा बयान दिया, जिसकी भारत समेत इटली तक चर्चा हो रही है. वहीं, रोम स्थित वकील ग्यूसेपे फिलिपो पापिक गेरासी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बारे में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर वकील ग्यूसेप फिलिपो पापिक गेरासी ने कहा, “मैं इस टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण और शायद बहुत अच्छा नहीं कहूंगा. लेकिन मैं इसके महत्व को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताऊंगा. राजनीतिक आलोचना जायज है, लेकिन किसी दोस्त देश के प्रधानमंत्री से जुड़ी कोई भी निजी बात हमेशा कुछ हद तक सम्मान के साथ कही जानी चाहिए. यह मेरी राय है.”

यह पूछे जाने पर कि क्या घरेलू राजनीतिक बहसों में विदेशी नेताओं का जिक्र भारत-इटली के संबंधों पर प्रभाव डाल सकता है, वकील गेरासी ने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता. भारत-इटली के संबंध इतने मजबूत हैं कि घरेलू राजनीतिक बहस के संदर्भ में की गई किसी टिप्पणी से उन पर प्रभाव नहीं पड़ता. फिर भी, विदेशी नेताओं के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना, हमेशा सही रहता है क्योंकि वे भी अपने देशों और संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते हैं.”

वकील ने आगे कहा, “भारत-इटली के संबंध अभी बहुत सकारात्मक हैं और तेजी से रणनीतिक होते जा रहे हैं. मेरे हिसाब से, दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच व्यक्तिगत तालमेल ने निश्चित रूप से सहयोग को मजबूत करने में मदद की है. मेरी राय है कि डिप्लोमेसी में, व्यक्तिगत भरोसा और दोस्ती का न्याय भी देशों और लोगों के बीच पुल बनाने में मदद कर सकता है. और यह हमेशा इटली और भारत के बीच रहा है.”

दरअसल, राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के साथ गले मिलकर विवादित टिप्पणी की थी. इसके साथ ही उन्होंने भारत की विदेश नीति को लेकर भी निशाना साधा था.

केके/एबीएम