
कोलकाता, 19 अगस्त . कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने अगले हफ्ते तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर रैली आयोजन करने की अनुमति मांगी थी.
पुलिस की ओर से रैली आयोजित करने की अनुमति नहीं मिलने पर तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था, जहां इस गुट ने तत्काल सुनवाई की मांग की थी.
न्यायाधीश सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने कहा कि सुनवाई तत्काल नहीं हो पाएगी. इसी को देखते हुए याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है. अब इस पर शुक्रवार को अगली सुनवाई हो सकती है.
तृणमूल छात्र परिषद का स्थापना दिवस 28 अगस्त को है.
गौर करने वाली बात यह है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के बीच आपस में स्थापना दिवस को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है. दोनों ही गुट गांधी प्रतिमा के सामने मेयो रोड के पास स्थापना दिवस का आयोजन करना चाहते हैं, लेकिन कोलकाता पुलिस ने तृणमूल के गुट को इस कार्यक्रम के आयोजन करने की इजाजत नहीं दी है.
वहीं, पुलिस की ओर से कार्यक्रम का आयोजन करने की अनुमति नहीं मिलने के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट ने सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया, जहां उन्होंने 20 अगस्त को स्थापना दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन करने की अनुमति मांगी. जस्टिस भट्टाचार्य ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया और इसके लिए 19 अगस्त को सूचीबद्ध कर दिया है.
बता दें कि केंद्रीय कोलकाता में गांधी प्रतिमा के पास प्रतिवर्ष तृणमूल कांग्रेस की ओर से स्थापना दिवस के मौके पर रैली का आयोजन किया जाता है.
हालांकि, इस बार स्थिति अलग है. हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस तीन गुटों में विभाजित हो गई.
तृणमूल कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों ने नेशनल सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) का दामन थामा है. वहीं, एक दूसरा गुट है, जिसे बागी गुट के नाम से भी जाता है. इसका नेतृत्व मौजूदा समय में ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं. वहीं, बाकी बचे विधायक ममता बनर्जी के साथ हैं.
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एसएचके/डीकेपी