नेपाल के लोगों की हिम्मत उन्हें मुश्किल समय से निकाल लेगी: युवराज सिंह

नई दिल्ली, 27 अगस्त . भारत का पड़ोसी देश नेपाल इस समय बाढ़ से मची भीषण तबाही का दंश झेल रहा है. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अपनी संवेदना व्यक्त की है.

युवराज सिंह ने एक्स पर लिखा, “नेपाल में बाढ़ ने बहुत ज्यादा तबाही मचाई है. मेरी दुआएं उन सभी लोगों के साथ हैं जो इससे प्रभावित हुए हैं, खासकर उन परिवारों के साथ जो अभी भी अपने प्रियजनों का इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद है, नेपाल के लोगों की हिम्मत उन्हें इस बहुत मुश्किल समय से निकाल लेगी.”

नेपाल के क्रिकेटर दीपेंद्र सिंह ऐरी और संदीप लामिछाने ने देश के कई हिस्सों में आई भयानक बाढ़ और लैंडस्लाइड पर चिंता जताई है. दोनों क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर लोगों से सावधान रहने और हालात बिगड़ने पर सुरक्षा के तरीके अपनाने की अपील की है.

ऐरी ने बाढ़ और लैंडस्लाइड से हुई तबाही पर दुख जताया. उन्होंने खास तौर पर त्रिशूली नदी के पास रहने वाले लोगों से सावधान रहने और बढ़ते पानी के लेवल को लेकर चिंता के बीच जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की.

संदीप लामिछाने ने लिखा, “कृपया नदियों, झरनों, बाढ़ वाली सड़कों, पुलों और दूसरी ज्यादा खतरे वाली जगहों से बचें. पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे जानी-पहचानी जगहें भी असुरक्षित हो सकती हैं. अगर आप किसी प्रभावित इलाके में हैं, तो सावधान रहें, जानकारी रखें और स्थानीय अधिकारियों के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें. कृपया सुरक्षित रहें और एक-दूसरे का ध्यान रखें.”

नेपाल के तीन जिलों में भोटेकोसी नदी में अचानक आई बाढ़ से तबाही मची है. 26 अगस्त को नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. यह बाढ़ तब आई जब भोटेकोसी नदी की सहायक नदी ‘ल्हेन्डे’ का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण रुक गया. इसके बाद सबसे पहले नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र में स्थित तिमुरे गांव प्रभावित हुआ.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इलाके में बारिश नहीं हुई थी, इसलिए लोगों को इस आपदा के आने का कोई अंदाजा नहीं था. बाढ़ आने के समय लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लगे हुए थे. अचानक आई बाढ़ से अब तक 177 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है.

नेपाल के इस कठ‍िन समय में भारत के साथ-साथ अन्‍य देश पूरा सहयोग कर रहे हैं. नेपाल में आई जल आपदा को देखते हुए भारत मदद का हाथ बढ़ाते हुए लगातार राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी रखे हुए है.

पीएके