दुर्गावती नदी का बढ़ा जलस्तर; मोहनिया शहर पर मंडराया बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट

कैमूर, 2 सितंबर . बिहार के कैमूर जिले में लगातार हो रही बारिश और दुर्गावती जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद दुर्गावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. नदी का पानी शहर की ओर बहने लगा है, जिससे मोहनिया और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने का निर्देश जारी किया है.

जानकारी के अनुसार, दुर्गावती जलाशय से करीब 15 से 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. जलाशय से और पानी छोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है. जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने रतवार के समीप मोहनिया-भभुआ मुख्य पथ पर दुर्गावती नदी पुल के पास अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती कर दी है. मौके पर एसडीएम के साथ सीओ, बीडीओ, क्यूआरटी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं.

रात के समय नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने के लिए जेनरेटर के जरिए पुल पर चार बड़े वेपर लाइट लगाए गए हैं. अधिकारियों की मौजूदगी में नदी के बाहरी हिस्से में बांस के माध्यम से पानी की गहराई की मापी भी कराई गई. वहीं, फ्लड कंट्रोल यूनिट की टीम भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है.

मोहनिया की एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पुल के ठीक नीचे कटाव होने के कारण पानी का बहाव शहर की तरफ शुरू हो गया है.

उन्होंने बताया कि बिजली विभाग का पावर हाउस निचले इलाके में स्थित है. यदि बाढ़ का पानी वहां तक पहुंचता है तो मोहनिया शहर की बिजली आपूर्ति तीन-चार दिन या उससे अधिक समय तक बाधित हो सकती है. इसी संभावित खतरे को रोकने के लिए फ्लड कंट्रोल यूनिट की टीम उपाय करने में जुटी है.

बाढ़ के पानी की निकासी की तैयारी भी शुरू कर दी गई है. नगर पंचायत की ओर से जेसीबी की मदद से पानी निकासी के लिए रास्ता बनाने का काम पहले से किया जा रहा है. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.

वहीं, स्थानीय लोगों में भी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता है. एक स्थानीय निवासी ने बताया कि एसडीएम, डीएसपी समेत तमाम बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और बाढ़ का गंभीर खतरा बना हुआ है. सबसे बड़ी चिंता पावर हाउस में पानी घुसने को लेकर है, क्योंकि ऐसा होने पर पूरे मोहनिया इलाके की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.

एसएके/पीएम