भाजपा की प्राथमिकता पहले देश, फिर पार्टी और उसके बाद व्यक्ति: गुलाम अली खटाना

नई दिल्ली, 5 सितंबर . भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में दिए भाषण पर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की टिप्पणी, हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद, सहारनपुर मस्जिद मामले और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता देश है और पार्टी समाज के सभी वर्गों को समान नागरिक के रूप में देखती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर कन्हैया कुमार की टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद ने कहा कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है और नरेंद्र मोदी उसके नेता हैं. भाजपा कैडर-आधारित पार्टी है, जिसकी प्राथमिकता पहले देश, फिर पार्टी और उसके बाद व्यक्ति है. जो लोग खुद यह तय नहीं कर पाए कि देश पहले है या पार्टी, वे प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी कैसे कर सकते हैं. भाजपा किसी वर्ग को खुश करने या डराने की राजनीति नहीं करती, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों को समान रूप से महत्व देती है.

उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ कांग्रेस की शिकायत पर खटाना ने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए. उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर और दलित समुदाय से जुड़े राजनीतिक मुद्दों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक दलितों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया. खटाना ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक और अन्य वर्गों को आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं. भाजपा किसी भी ऐसी सोच को प्रोत्साहित नहीं करती जो समाज में भेदभाव को बढ़ावा दे.

उन्होंने कहा कि जिस विवादित घटना की बात हो रही है, भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व ने उसकी कड़ी निंदा की थी. महेंद्र भट्ट के खिलाफ कांग्रेस की शिकायत को उन्होंने राजनीतिक प्रतिशोध बताया और आरोप लगाया कि विपक्ष दलित वोट हासिल करने के लिए इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है.

सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर असदुद्दीन ओवैसी के बयान को लेकर खटाना ने कहा कि उन्होंने ओवैसी का बयान सीधे नहीं सुना है और मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है. यदि संबंधित मस्जिद के दस्तावेज या कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं थी, तो इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए.

एसआईआर को लेकर पूर्व चुनाव आयुक्त की टिप्पणी पर खटाना ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में कानून और निर्धारित नियमों के अनुसार ही निर्णय होना चाहिए. उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों और कानूनी स्थिति को देखना चाहिए. भाजपा की राजनीति का आधार सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर देना है तथा पार्टी किसी भी समुदाय को अलग नजर से नहीं देखती.

पीएसके