
नई दिल्ली, 11 सितंबर . सप्ताह में पांच कार्य दिवस को लागू करने और अन्य समस्याओं के लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने शुक्रवार को हड़ताल की और इससे बैंकिंग सेवाओं विशेषकर सरकारी बैंकों पर असर हुआ है.
यूएफबीयू में कुल सात बैंकिंग यूनियन शामिल हैं और इसमें सरकारी बैंकों के करीब 90 प्रतिशत कर्मचारी शामिल हैं. हालांकि, इस हड़ताल का निजी बैंकों की सेवाओं पर असर नहीं हुआ है.
हड़ताल में कई सरकारी बैंक कर्मचारियों के शामिल होने के कारण सरकारी बैंकों की ब्रांच या तो पूरी तरह से बंद हैं या फिर आंशिक रूप से कामकाज कर रही हैं.
कई शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए. हालांकि, सरकारी बैंकों की डिजिटल सेवाओं पर इस हड़ताल का कोई असर नहीं हुआ है. इंटरनेट बैंकिंग के साथ-साथ यूपीआई सेवाएं भी सामान्य बनी हुई है.
इसे लेकर कई सरकारी बैंक ग्राहकों को एडवाइजरी भी जारी कर चुके हैं और वैकल्पिक बैंकिंग सेवाओं को उपयोग करने की सलाह दी है.
बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा है कि यूएफबीयू की 11 सितंबर को हड़ताल के कारण बैंकिंग ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं. हम इस दौरान सभी जरूरी सेवाओं को देना का प्रयास करेंगे.
साथ ही, ग्राहकों को सलाह दी कि इस स्थिति में वे वैकल्पिक बैंकिंग सेवाएं जैसे मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम एवं अन्य डिजिटल चैनल का उपयोग करें.
वहीं, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने कहा कि यूएफबीयू की 11 सितंबर, 2026 को एक दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है.
बैंकिंग सेवाओं को सामान्य बनाए रखने के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे. ग्राहकों से अनुरोध है कि अपनी बैंकिंग आवश्यकताओं के लिए वैकल्पिक माध्यमों जैसे पीएनबी वन, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और अन्य डिजिटल चैनल का उपयोग करें.
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एबीएस