बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन को एक साल पूरा हुआ, अश्विनी वैष्णव बोले-इससे अनगिनत अवसरों के द्वार खुले

मुंबई, 13 सितंबर . केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन को एक साल पूरे हो गए हैं और इससे अनगिनत अवसरों के द्वार खुले हैं.

इसे लेकर केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें इस रेल लाइन के बारे में विस्तार से बताया गया. इस 51.38 किलोमीटर लंबी रेललाइन में कुल 143 पुल और 45 टनल का निर्माण किया गया है. इसमें एक पुल की ऊंचाई 114 मीटर है.

यह रेलवे लाइन असम सीमा पर स्थित बैराबी को मिजोरम की राजधानी आइजोल के पास स्थित सैरांग से जोड़ती है.

केंद्र सरकार की विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी के प्रति प्रतिबद्धता के तहत बनाई गई बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन 8,070 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनकर तैयार हुई है.यह रेल लाइन एक चुनौतीपूर्ण पहाड़ी क्षेत्र में बनी है. इसमें 55 बड़े पुल और 88 छोटे पुल भी शामिल हैं.

इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 13 सितंबर को किया था.

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि मिजोरम भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. यह राष्ट्र के लिए, विशेषकर मिजोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है. अब आइजोल भारत के रेलवे मानचित्र पर होगा.

पीएम मोदी ने कहा, पहली बार मिजोरम का सैरांग राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सीधे जुड़ेगा. यह सिर्फ एक रेलवे नहीं है, बल्कि परिवर्तन की जीवनरेखा है. यह मिजोरम के लोगों के जीवन और आजीविका में क्रांति लाएगी. मिजोरम के किसान और व्यवसाय देश भर के ज्यादा बाजारों तक पहुंच पाएंगे. लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बेहतर अवसर भी मिलेंगे. इस विकास से कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

इस दौरान उन्होंने इंजीनियरों और श्रमिकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने इस रेलवे लाइन को कल्पना से वास्तविकता में बदल दिया.

एबीएस