ब्रिक्स में पीएम मोदी ने मानसरोवर का मुद्दा क्यों नहीं उठाया, सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने केंद्र से पूछा सवाल

लखनऊ, 13 सितंबर . समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेल्थकेयर डेवलपमेंट के दावों, अमित शाह के ऑपरेशन सिंदूर वाले बयान, ब्रिक्स मेन्यू विवाद, गाजा मुद्दे, पहलगाम हमले और बसपा सुप्रीमो मायावती के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी.

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर मेहरोत्रा ने केंद्र सरकार पर बड़ा सवाल उठाया. उन्होंने कहा, “देश में बारह देशों का एक सम्मेलन हो रहा है और इसमें चीन के राष्ट्रपति भी शामिल हुए. लेकिन, भारत ने चीन के राष्ट्रपति के सामने उस भारतीय इलाके का मुद्दा नहीं उठाया जिस पर चीन का कब्ज़ा बताया जाता है. भारत सरकार और प्रधानमंत्री के पास करोड़ों हिंदुओं की आस्था के पवित्र केंद्र मानसरोवर को वापस पाने का मुद्दा उठाने का सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने चीन के राष्ट्रपति से इस पर कोई बात नहीं की. आज मानसरोवर, जो देश में करोड़ों हिंदुओं की आस्था का एक बड़ा केंद्र है, चीन के नियंत्रण में है. फिर भी प्रधानमंत्री चीन के राष्ट्रपति के सामने यह मुद्दा नहीं उठाते हैं.”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऑपरेशन सिंदूर वाले बयान पर पलटवार करते हुए सपा विधायक ने कहा, “जब भारत में आतंकवादी हमला हुआ और 26 लोग मारे गए, तो हमारी बहादुर सेना ने पाकिस्तानी इलाके में घुसकर नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए और उन्हें नष्ट कर दिया. हालांकि, बाद में भारत सरकार ने युद्धविराम की घोषणा की, जिसके बारे में कहा जाता है कि ऐसा अमेरिका के दबाव में किया गया था. अगर युद्धविराम की घोषणा नहीं की गई होती, तो हमारी बहादुर सेना शायद और आगे बढ़कर पीओके पर कब्जा कर लेती और शायद आज पाकिस्तान के शहरों में तिरंगा लहरा रहा होता. हमारी सेना बेहद बहादुर और सक्षम है, लेकिन मेरी राय में, सरकार, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान से निपटने में कमजोरी दिखाई है.”

बसपा प्रमुख मायावती पर निशाना साधते हुए मेहरोत्रा ने कहा, “बहुजन समाज पार्टी अब भारतीय जनता पार्टी की बी-टीम बन गई है. बीएसपी, भाजपा के इशारे पर काम करती है. सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जैसी एजेंसियों का डर दिखाकर भाजपा ने मायावती को चुप करा दिया है. अब बीएसपी का एकमात्र मकसद गैर-भाजपा वोटों को बांटना ही लगता है.”

ब्रिक्स मेन्यू विवाद और राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा, “किसी के खान-पान पर कोई बहस या चर्चा नहीं होनी चाहिए. आज चर्चा इस बात पर होनी चाहिए कि देश में महंगाई कैसे बढ़ रही है और इसे कैसे काबू में किया जाए. बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है. युवा नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, भुखमरी फैल रही है और गरीबों की संख्या बढ़ रही है. लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही है. भ्रष्टाचार चरम पर है, विकास कार्य ठप पड़ गए हैं, स्वास्थ्य सेवाएं खराब हो गई हैं और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. ये वे मुद्दे हैं जिन पर चर्चा होनी चाहिए.”

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेल्थकेयर के दावों पर मेहरोत्रा ने कहा, “उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ पूरी तरह से चरमरा गई हैं. दवाइयों, सही जांच और समय पर इलाज न मिलने के कारण लोगों की मौत हो रही है. सरकार नामी दवा कंपनियों से दवाइयां खरीदने के बजाय सस्ती और घटिया क्वालिटी की दवाइयाँ खरीद रही है. आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज का दौरा किया और लोगों को रोजगार देने की बात कही. लेकिन असलियत यह है कि अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स या बेड नहीं हैं.”

–आईएएनस

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