पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का खेल इकोसिस्टम बदल रहा है : खेल मंत्री मांडविया

नई दिल्ली, 5 नवंबर . केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को भारत के खेल इकोसिस्टम में आए बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनकी पहलों को दिया. मांडविया ने कहा कि 2010 के एशियन पैरा गेम्स में सिर्फ 1 गोल्ड पदक जीतने वाले भारत का 2026 के संस्करण में 30 गोल्ड मेडल तक पहुंचना, खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों के असर को दिखाता है.

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पीएम मोदी के भारतीय पैरा एशियन गेम्स दल के साथ बातचीत के बाद, मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 6-7 वर्षों में देश के खेल क्षेत्र में साफ तौर पर बदलाव देखे गए हैं.

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मांडविया ने कहा, “साल 2010 में, भारत ने एशियन पैरा गेम्स में सिर्फ 1 गोल्ड जीता था और हम मेडल टैली में 15वें स्थान पर थे. वहां से अब हम 114 मेडल (जिसमें 30 गोल्ड शामिल हैं) के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं. हमारे पैरा-एथलीट्स ने बहुत शानदार प्रदर्शन किया है. पीएम मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है. एक ‘नए भारत’ का निर्माण हो रहा है, और खेल क्षेत्र भी बदलाव के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में उभरा है.”

मांडविया ने देश के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी की पहलों, जैसे ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ और ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम को श्रेय दिया. उन्होंने खेल क्षेत्र में सुधार लाने की दिशा में ‘राष्ट्रीय खेल नीति’ और ‘खेल प्रशासन अधिनियम’ को भी महत्वपूर्ण कदम बताया.

मांडविया ने कहा, “खेल क्षेत्र में बदलाव लाने और देश में खेल इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए, पीएम मोदी ने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ और ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम की शुरुआत की. इसके बाद, वे ‘खेलो भारत नीति’ और ‘खेल प्रशासन अधिनियम’ लेकर आए. ‘खेलो इंडिया’ योजना के जरिए उन्होंने 36,000 करोड़ रुपए दिए. उन्होंने पांच साल की खेल विकास योजना भी शुरू की.”

मांडविया ने पीएम मोदी के साथ बातचीत के दौरान पैरा-एथलीट्स के उत्साह के बारे में भी बात करते हुए कहा कि पैरा-एथलीट्स को भी अन्य खिलाड़ियों की तरह ही सम्मान और प्रोत्साहन मिला.

मांडविया ने कहा, “जैसा कि आपने देखा, हमारे सभी एथलीट बहुत खुश और उत्साहित थे. उन्हें लगा कि पैरा-एथलीट्स को भी अन्य खिलाड़ियों के बराबर ही सम्मान मिल रहा है. उन्हें समान सम्मान और समान प्रोत्साहन दिया गया. एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी भी मौजूद थे और उन्होंने पैरा-एथलीट्स के साथ अपने विचार साझा किए. एथलीट्स ने इसे बहुत सराहा.”

युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा, “जब से प्रधानमंत्री ने देश में खेलों को बढ़ावा देने की बात कही है, तब से पिछले छह-सात वर्षों में इसके स्पष्ट परिणाम देखने को मिल रहे हैं. भारत के सभी एथलीट लगातार सभी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं. हाल ही में हुए एशियन गेम्स में, हमारे राष्ट्रीय पैरा-एथलीट्स ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. ​​वे लगभग 30 गोल्ड मेडल जीतकर लाए हैं. इससे पूरे देश और दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है. हमारे पैरा-एथलीट सिर्फ खेलते ही नहीं हैं, बल्कि वे युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत भी हैं.”

वहीं, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने भी एथलीट्स से मुलाकात करने और उनका हौसला बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री की तारीफ में कहा, “यह अपने आप में एक बड़ी बात है कि जब भी खिलाड़ी किसी बड़े आयोजन – चाहे वह कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, पैरा एशियन गेम्स या पैरालंपिक हो – से पदक जीतकर लौटते हैं, तो प्रधानमंत्री खुद उनका स्वागत करते हैं. वे ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने खिलाड़ियों का मनोबल बहुत बढ़ाया है. अपने भाषण में, प्रधानमंत्री ने एक बहुत अच्छी बात कही. उन्होंने खिलाड़ियों के साथ-साथ उन कोचों और प्रशिक्षकों का भी आभार जताया, जिन्होंने इन खिलाड़ियों के लिए अथक परिश्रम किया. उन्होंने विशेष रूप से कोचों का जिक्र किया, क्योंकि पैरा-एथलीट्स को प्रशिक्षित करना एक बड़ी चुनौती होती है. फिर भी, उन्होंने न केवल प्रशिक्षण दिया, बल्कि विश्व-स्तरीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराईं. इन्हीं सुविधाओं की बदौलत हमने 30 स्वर्ण पदक सहित कुल 114 पदक जीते हैं.”

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आरएसजी/एबीएम