
पटना, 31 मई . बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास खाली कराने को लेकर अब सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं. आवास नहीं खाली करने पर अड़ी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बाद अब उनकी बेटी रोहिणी आचार्या ने सरकार को चुनौती दी है.
पिछले लोकसभा चुनाव में सारण से राजद की टिकट पर चुनाव लड़ चुकी रोहिणी आचार्या ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चुनौती देते हुए लिखा, ”अगर हिम्मत है तो जबरन बंगला खाली करवाए सरकार.” उन्होंने सरकारी आवास खाली करने के आदेश को ‘प्रतिशोध मॉडल’ भी बताया है.
राजद अध्यक्ष लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने आगे एक्स पर लिखा, “जनहित के ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध की राह पर है सम्राट चौधरी की सरकार. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवास से बेदखल करने का तुगलकी फरमान और आवास पर पुलिस भेजना लोकतंत्र नहीं, सत्ता के अहंकार एवं बेजा दबंगई की निशानी है. अफसोसजनक है कि बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, और बढ़ते अपराध के फ्रंट पर पूरी तरह से निष्क्रिय साबित होती सम्राट चौधरी की सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने में पूरी सक्रिय है. ये शासन का कौन सा मॉडल है? बेशक शासन का “प्रतिशोध मॉडल”.”
दरअसल, यह विवाद तब बढ़ गया जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कथित तौर पर राज्य सरकार से नोटिस मिलने के बावजूद बंगला खाली करने से इनकार कर दिया. इसके बाद राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने भी इस आदेश का प्रतिकार करने की बात कही.
बता दें कि सरकार ने 10 सर्कुलर रोड को खाली करने का नोटिस पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को दिया है. बदले में उन्हें 39, हार्डिंग रोड वाला बंगला अलॉट किया गया है. लेकिन, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला छोड़ने से इनकार कर दिया. इस बीच पटना जिला प्रशासन ने राजद नेता राबड़ी देवी से नव-आवंटित आवास संख्या 39, हार्डिंग रोड में शिफ्ट करने का अनुरोध किया है.
प्रशासन ने राजद नेता को 15 दिन का समय दिया है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है.
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एमएनपी/एसके