जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने एआई बबल के बारे में लोगों को किया सतर्क, वैल्यूएशन 1999 से भी अधिक हुए

नई दिल्ली, 31 मई . जोहो कॉरपोरेशन के संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक श्रीधर वेम्बू ने लोगों से एआई बबल को लेकर चेतावनी दी और कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनियों के वैल्यूएशन 1999 के डॉटकॉम बबल से भी अधिक हो गए है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, वेम्बू ने प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के मूल्य-बिक्री अनुपात पर प्रकाश डालते हुए तर्क दिया कि वर्तमान में वैल्यूएशन बिजनेस के फंडामेंटल से तेजी से अलग होते जा रहे हैं.

उन्होंने एनवीडिया, एप्पल, अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा प्लेटफॉर्म्स और माइक्रोन टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इनमें से कई कंपनियां अपने वार्षिक राजस्व के ऊंचे मल्टीपल पर कारोबार कर रही हैं.

वेम्बू के अनुसार, एनवीडिया वर्तमान में बिक्री के लगभग 20 गुना पर कारोबार कर रही है, जबकि एप्पल, अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट का मूल्य-बिक्री अनुपात लगभग 10 से 11 गुना है. मेटा लगभग 7.5 गुना बिक्री पर है, जबकि माइक्रोन लगभग 19 गुना बिक्री पर कारोबार कर रही है.

लोगों को सतर्क करने के लिए, वेम्बू ने 2000 के दशक की शुरुआत में डॉट-कॉम बबल के फूटने के बाद स्कॉट मैकनीली द्वारा की गई टिप्पणियों का हवाला दिया. मैकनीली ने तर्क दिया था कि अगर कोई निवेश किसी कंपनी में 10 के मूल्य-बिक्री अनुपात पर निवेश करता है तो इस वैल्यूशन को उचित ठहराने के लिए कंपनी को कई वर्षों तक असाधारण प्रदर्शन करना होगा.

1990 के दशक के आखिरी में आए डॉटकॉम बबल से तुलना करते हुए, वेम्बू ने कहा कि वर्तमान माहौल “एक बबल” को दर्शाता है और सुझाव दिया कि यह 1999 में देखे गए डॉटकॉम बबल से भी बड़ा हो सकता है.

उन्होंने कहा किया कि यह एक बेतुका बबल है, जो 1999 से भी बड़ा है.

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एआई से जुड़े शेयरों, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर निर्माताओं और सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में लगातार तेजी देखी जा रही है, क्योंकि यह उम्मीद की जा रही है कि एआई विभिन्न उद्योगों में महत्वपूर्ण वृद्धि और उत्पादकता लाभ लाएगी. एआई के इस उछाल ने कई प्रौद्योगिकी कंपनियों को रिकॉर्ड बाजार पूंजीकरण तक पहुंचा दिया है और प्रमुख शेयर सूचकांकों को नए उच्च स्तर पर पहुंचाने में मदद की है.

एबीएस/