भोपाल में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की हत्या का आरोपी मुठभेड़ के बाद आगरा से गिरफ्तार

भोपाल, 3 नवंबर . सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मुख्य आरोपी वरुण कुमार को भोपाल पुलिस ने मुठभेड़ के बाद उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी वरुण कुमार अधिकारी के घर पर केयरटेकर के तौर पर काम करता था.

मंगलवार की सुबह पुलिस आरोपी को आगरा से भोपाल ला रही थी. इसी दौरान मुगालिया छाप के पास आरोपी ने पुलिस से हाथापाई कर भागने की कोशिश की. इस पर पुलिस ने फायरिंग की तो गोली आरोपी पैर में लग गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि आरोपी को आगरा से हिरासत में लिया गया है. अब उससे पूछताछ की जाएगी ताकि हत्या के पीछे का मकसद और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके.

1982 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल 1 अक्टूबर की सुबह रतीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर इलाके में स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे. घटना के समय उनकी पत्नी निशी अग्रवाल दूसरे कमरे में थीं.

पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर की रात किसी धारदार हथियार से अग्रवाल का गला रेत दिया गया था. घर का सामान बिखरा हुआ था और अलमारियां खंगाली गई थीं. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने घर में आग लगाने की भी कोशिश की, जिसके लिए उसने गैस सिलेंडर का पाइप निकाल दिया था. ऐसा उसने सबूत मिटाने के लिए किया था.

वरुण कुमार को कुछ दिन पहले ही एक लोकल एजेंसी के जरिए काम पर रखा गया था. उसका काम रिटायर हो चुके अधिकारी की 24 घंटे देखभाल करना था, जो पीठ दर्द से परेशान थे.

अपराध के तुरंत बाद वह फरार हो गया. पुलिस टीमों ने उत्तर प्रदेश के मथुरा, वृंदावन, मध्य प्रदेश के ग्वालियर, पंजाब और अन्य इलाकों में तलाशी अभियान चलाया. आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सुरागों का इस्तेमाल किया गया.

एआईजी उमेश तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया और उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले के लिए 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई.

गिरफ्तारी में देरी को लेकर आईएएस एसोसिएशन ने चिंता जताई थी. एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने पहले मुख्य सचिव और बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर त्वरित कार्रवाई की मांग की थी.

पुलिस अब वरुण कुमार से अपराध के मकसद, इसकी योजना, लूट की संभावना और फरार रहने के दौरान उसकी गतिविधियों के बारे में पूछताछ करेगी.

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ओपी/पीएम