अमेजन ने भारत में विक्रेताओं और ग्राहकों को सुरक्षित रखने के लिए नकली सामान रोकने वाली अपनी यूनिट का किया विस्तार: सीसीयू चीफ

नई दिल्ली, 21 अगस्त . अमेरिकी ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी अमेजन विक्रेताओं और ग्राहकों को सुरक्षित रखने के लिए भारत में अपनी नकली सामान से जुड़े अपराधों की इकाई (सीसीयू) का विस्तार कर रहा है. इससे देश में मौजूद उसके 17 लाख विक्रेताओं और ग्राहकों को नकली सामानों से बचने में मदद मिलेगी. यह बयान अमेजन के सीसीयू निदेशक केभारू स्मिथ ने शुक्रवार को दिया.

समाचार एजेंसी के साथ एक इंटरव्यू में स्मिथ ने कहा कि जून 2020 में शुरू की गई यह यूनिट एक ग्लोबल टीम है जिसके सदस्य भारत सहित कई जगहों पर हैं. इस टीम ने सिविल केस और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को क्रिमिनल रेफरल के जरिए दुनिया भर में 32,000 से ज्यादा नकली सामान बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है.

स्मिथ ने देश में अमेजन के सेलर इकोसिस्टम के बड़े पैमाने के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा, “आज अमेजन भारत में 17 लाख से अधिक सेलर्स के साथ काम करता है और उनमें से आधे टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं.”

स्मिथ ने कहा, “हमारा मकसद इन गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है.”

उन्होंने कहा कि सीसीयू के भारत में कामकाज को बढ़ाने का मकसद जमीनी स्तर पर कोशिशों को मजबूत करना और स्थानीय कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर और बेहतर ढंग से काम करना है.

स्मिथ ने को बताया, “हम यहां भारत में सीबीआई के साथ भी जांच कर रहे हैं.”

कंपनी ने बताया कि 2025 में, उसने दुनिया भर में 1.5 करोड़ से अधिक नकली उत्पादों की पहचान करने, उन्हें जब्त करने और सही तरीके से नष्ट करने में मदद की. अमेजन ने इस दौरान अपने सहयोगियों के साथ मिलकर नकली सामान बनाने वालों, सप्लायरों और डिस्ट्रीब्यूटरों के खिलाफ 70 से ज्यादा छापे भी मारे.

दुनिया भर में, सीसीयू ने अपनी शुरुआत के बाद से 32,000 से ज्यादा नकली सामान बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है.

कंपनी ने बताया कि उसकी कानूनी कार्रवाई के नतीजतन कोर्ट के आदेश से 30 करोड़ डॉलर से ज्यादा का मुआवजा मिला है और 290 से ज्यादा अपराधियों को जेल भेजने में मदद मिली है.

इसके अलावा, अप्रैल में जारी अमेजन की पहली ग्लोबल ‘ट्रस्टवर्दी शॉपिंग एक्सपीरियंस रिपोर्ट’ में बताया गया है कि कंपनी ऐसी गतिविधियों से निपटने के लिए प्रोएक्टिव कंट्रोल, सेलर वेरिफिकेशन, ब्रांड-प्रोटेक्शन टूल्स और एनफोर्समेंट पार्टनरशिप का इस्तेमाल करती है.

कंपनी के मुताबिक, 15,000 से ज्यादा कर्मचारी ग्राहकों को स्कैम, धोखाधड़ी और गलत इस्तेमाल से बचाने के लिए काम करते हैं. साथ ही, कंपनी ने बताया कि उसने 2025 में दुनिया भर में 285 मिलियन से ज्यादा संदिग्ध नकली रिव्यू को सक्रिय तरीके से ब्लॉक किया.

भारत में त्योहारों के दौरान शॉपिंग का सीजन आने वाला है, ऐसे में स्मिथ ने कहा कि ग्राहकों का भरोसा और सही उत्पाद अमेजन की रणनीति के केंद्र में हैं. उन्होंने कहा, “हम समझते हैं कि ग्राहकों का भरोसा जीतना मुश्किल है और इसे खोना आसान है.”

कंपनी ने यह भी बताया कि उसके ट्रांसपेरेंसी प्रोग्राम के जरिए 2.7 बिलियन से ज्यादा प्रोडक्ट यूनिट्स को असली के तौर पर वेरिफाई किया गया है.

एबीएस