
गुवाहाटी, 28 अगस्त . मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के पहले 100 दिनों के दौरान असम सरकार ने लगभग 300 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ नष्ट किए हैं. उन्होंने ड्रग तस्करी के खिलाफ राज्य के तेज अभियान पर जोर दिया.
जब्त किए गए नशीले पदार्थों को नलबाड़ी जिले के दौलासाल में असम की पहली समर्पित नशीले पदार्थ नष्ट करने वाली सुविधा (इंसिनरेशन फैसिलिटी) में नष्ट किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने और जब्त किए गए नशीले पदार्थों को दोबारा बाजार में आने से रोकने के लिए सरकार की लगातार कोशिशों को दिखाती है.
सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “घड़ी की टिक-टिक जारी है, कार्रवाई नहीं रुकेगी. 100 दिन, 100 प्रतिशत कार्रवाई.”
उन्होंने कहा कि सरकार का ड्रग-विरोधी अभियान सिर्फ जब्ती और गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में चल रहे तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर भी केंद्रित है.
सरमा ने ड्रग बेचने वालों और तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा, “जब्ती, गिरफ्तारी, ड्रग नेटवर्क को नष्ट करना – हम एक साफ संदेश दे रहे हैं, छिपने की कोई जगह नहीं है.”
सीएम सरमा ने ‘सुरक्षित असम के 100 दिन’ थीम के तहत प्रवर्तन अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि नलबाड़ी सुविधा में लगभग 300 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ नष्ट किए गए.
मुख्यमंत्री ने 10 दिनों की अवधि में नौ जिलों में चलाए गए नशीले पदार्थों के खिलाफ कई अभियानों का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, इन अभियानों के दौरान अनुमानित 472.51 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स जब्त की गईं. उन्होंने बताया कि जब्त की गई चीजों में लगभग 30.7 किलोग्राम हेरोइन और 5,499 किलोग्राम गांजा के अलावा अन्य प्रतिबंधित पदार्थ भी शामिल थे.
मई 2021 में सरमा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से असम सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है. प्रवर्तन एजेंसियां ड्रग सप्लायर, बेचने वालों और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं.
राज्य सरकार ने बार-बार ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को अपनी मुख्य प्राथमिकता बताया है. इसमें जब्ती, गिरफ्तारी और जब्त किए गए सामान को नष्ट करने के साथ-साथ संगठित तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की कोशिशें भी शामिल हैं.
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एएसएच/डीएससी