बरगी क्रूज हादसा: तीन मासूम बच्चों समेत 4 लोग अब भी लापता, सर्च अभियान का दायरा बढ़ा

जबलपुर, 2 मई . मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद से चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को शनिवार को और तेज कर दिया गया. यह हादसा गुरुवार शाम को हुआ था. हादसे के वक्त क्रूज में 41 लोग सवार थे.

अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस घटना में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 लोग अभी लापता हैं. लापता लोगों में तीन बच्चे और एक वयस्क शामिल हैं. प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार उन्हें ढूंढने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है.

पुलिस और प्रशासन के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद 28 लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया था. ये सभी लोग अब सुरक्षित हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के आखिरी पलों की जानकारी मिल सके. वहीं, बाकी लोगों की तलाश अभी जारी है.

जबलपुर के सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (बरगी जोन) अंजुल अयंक मिश्रा ने से बातचीत में बताया कि फिलहाल इस मामले में (सीआरपीसी की धारा 174 के तहत सूचना रिपोर्ट) दर्ज कर ली है. उन्होंने कहा कि जब तक सभी शव बरामद नहीं हो जाते, तब तक आगे की विस्तृत जांच शुरू नहीं की जाएगी. पहले सभी लापता लोगों को ढूंढना प्राथमिकता है.

हादसे के बाद से ही सेना के गोताखोर, आपदा राहत दल और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. नदी के बहाव और जलाशय की गहराई को देखते हुए सर्च ऑपरेशन को काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. इसके बावजूद टीमों ने सर्च एरिया को बढ़ाकर लगभग 5 किलोमीटर डाउनस्ट्रीम तक फैला दिया है, ताकि कोई भी सुराग छूट न जाए.

घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है. लापता लोगों के परिवार नदी किनारे बैठे अपने प्रियजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं. उनकी आंखों में उम्मीद और डर दोनों साफ दिखाई दे रहे हैं. लगातार चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच हर किसी की नजर सिर्फ एक ही बात पर है कि लापता लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढ लिया जाए.

अधिकारियों का कहना है कि सभी शव मिलने के बाद मामले में आगे की जांच शुरू की जाएगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी. जांच में यह देखा जाएगा कि नाव में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, क्षमता से ज्यादा लोग तो सवार नहीं थे और क्या लाइफ जैकेट जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी या नहीं.

पीआईएम/वीसी