सोने से मोहभंग! ज्वेलरी और निवेश के लिए तीसरी तिमाही में मांग 19 प्रतिशत तक घटी

मुंबई, 3 नवंबर . वैश्विक स्तर पर ज्वेलरी और निवेश के लिए सोने की मांग में 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में क्रमश:19 प्रतिशत और 14 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है. यह जानकारी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों में दी गई.

डब्ल्यूजीसी ने बताया कि वैश्विक स्तर पर 2026 की तीसरी तिमाही में ज्वेलरी के लिए सोने की मांग सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 340.1 टन हो गई है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 420.0 टन थी.

साथ ही कहा कि इस दौरान निवेश के लिए भी सोने की मांग में कमी देखने को मिली है. यह सालाना आधार पर 14 प्रतिशत कम होकर 479.0 टन हो गई है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 554.3 टन थी.

निवेश कैटेगरी में बार और कॉइन की मांग सालाना आधार पर 19 प्रतिशत कम होकर 267.8 टन हो गई है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 328.6 टन थी.

वहीं, गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स) के जरिए सोने की मांग सालाना आधार पर 6 प्रतिशत कम होकर 211.2 टन हो गई है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 225.7 टन थी.

हालांकि, केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की लगातार खरीद जारी है. डब्ल्यूजीसी के मुताबिक, दुनिया के केंद्रीय बैंकों और अन्य संस्थानों ने 2026 की तीसरी तिमाही में 321.2 टन सोना खरीदा है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि के 226.3 टन से 42 प्रतिशत अधिक है.

वहीं, दुनिया में कुल सोने की मांग 2026 की तीसरी तिमाही में 1,368.6 टन रही है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि के आंकड़े 1,383.2 टन से सालाना आधार पर एक प्रतिशत कम है.

डब्ल्यूजीसी के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही में खदानों से सोने का उत्पादन 1,070.9 टन रहा है, जो कि 2025 की तीसरी तिमाही के उत्पादन 1,040.7 टन से 3 प्रतिशत अधिक है.

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एबीएस