
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर . कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) रविवार को अपना 74वां स्थापना दिवस मनाएगा. इस अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करेंगे.
इनमें 1,000 रुपए तक की शेष राशि वाले पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों का ऑटोमैटिक सेटलमेंट और व्हाट्सऐप के माध्यम से ईपीएफओ की सेवाएं उपलब्ध कराना शामिल है.
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी के स्टॉल का भी निरीक्षण करेंगे. इसके अलावा, वह कई प्रकाशनों का विमोचन करेंगे, जो ज्ञान सृजन, संस्थागत सीख, कानूनी जागरूकता और संवेदनशील प्रशासन के प्रति ईपीएफओ की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मांडविया क्षेत्रीय कार्यालयों, जोनल कार्यालयों, व्यक्तिगत अधिकारियों और कर्मचारियों के उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए ‘भविष्य निधि पुरस्कार 2026’ भी प्रदान करेंगे.
बयान में कहा गया, “ईपीएफओ का 74वां स्थापना दिवस केवल संस्थागत विकास की कहानी नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है कि किसी कर्मचारी के वर्षों के श्रम का लाभ उसे और उसके परिवार को सुरक्षा, सम्मान और मानसिक शांति के रूप में मिले.”
इस समारोह में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय न्यासी बोर्ड के सदस्य, ईपीएफओ के अधिकारी और कर्मचारी, नियोक्ता, श्रमिक तथा अन्य हितधारक शामिल होंगे.
भारत ने हाल के वर्षों में सामाजिक सुरक्षा का दायरा काफी बढ़ाया है. सामाजिक सुरक्षा का कवरेज 2015 में 19 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 68.4 प्रतिशत हो गया है. इसके साथ ही एक अरब से अधिक लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ गए हैं.
इस अवधि में ईपीएफओ के अंशदान करने वाले सदस्यों की संख्या में भी वृद्धि हुई है. अंशदान करने वाले सदस्यों की संख्या वित्त वर्ष 2014-15 में 3.49 करोड़ थी, जो 16 सितंबर 2026 तक बढ़कर लगभग 7.98 करोड़ हो गई. इस तरह इस अवधि में करीब 4.49 करोड़ अंशदायी सदस्य बढ़े हैं.
सितंबर 2026 तक 7.68 लाख प्रतिष्ठान ईपीएफओ में अंशदान कर रहे हैं. इससे पात्र कर्मचारियों तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाने के लिए एक व्यापक संस्थागत आधार तैयार हुआ है.
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एबीएस