‘कर्ज’ से ‘ताल’ तक… सुभाष घई ने बताया मुक्ता आर्ट्स का 48 साल का सफर, मेंटर दिलीप कुमार को दी श्रद्धांजलि

मुंबई, 24 अक्टूबर . फिल्ममेकर सुभाष घई इन दिनों अपने फिल्म प्रोडक्शन हाउस और एजुकेशन इंस्टीट्यूट को संभालने में सक्रिय हैं. शनिवार को उन्होंने न सिर्फ अपने लंबे सफर को याद किया, बल्कि प्रोड्यूसर प्रवेश सिप्पी और उनके पिता-प्रोड्यूसर एनएन सिप्पी को भी याद किया.

फिल्ममेकर सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर अपने प्रोडक्शन हाउस मुक्ता आर्ट्स लिमिटेड के सिल्वर जुबली का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें निर्देशक समेत एनएन सिप्पी, मेंटर दिलीप कुमार, हमारे सबसे सम्मानित डायरेक्टर यश चोपड़ा, सुशील कुमार शिंदे नजर आ रहे हैं.

सुभाष घई ने इस पोस्ट के जरिए बताया कि कैसे एनएन सिप्पी ने उन्हें 1975 में प्रोडक्शन के गुर सिखाए थे. उन्होंने लिखा, “प्रवेश सिप्पी, आपका शुक्रिया. आप मेरी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म ‘कालीचरण’ के पहले प्रोड्यूसर एनएन सिप्पी के प्यारे बेटे हैं. एनएन सिप्पी ने 1975 में मुझे प्रोडक्शन की बारीकियां सिखाने में मदद की थी. इसके बाद 1978 में हमने मुक्ता फिल्म प्रोडक्शंस बनाया, जिसके बाद कर्ज, हीरो, कर्मा, मेरी जंग, राम लखन, सौदागर, खलनायक, परदेस, ताल, यादें, युवराज, ब्लैक एंड व्हाइट,ऐतराज और इकबाल समेत कई शानदार फिल्में बनाईं.”

उन्होंने लिखा, “आज हम मुक्ता कंटेंट क्रिएशन और बिजनेस की उत्कृष्टता को जारी रखे हुए, व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल और मुक्ता ए2 सिनेमाज के साथ मुक्ता आर्ट्स लिमिटेड का 48वां साल मना रहे हैं और एसजीएम एनिमेशन स्टूडियोज और नए टैलेंट के साथ कई तरह के कंटेंट फॉर्मेट लॉन्च कर रहे हैं. मुक्ता आर्ट्स लिमिटेड को प्यार और सपोर्ट देने के लिए आप सभी का शुक्रिया.”

दरअसल जब सुभाष घई एक नवोदित निर्देशक के रूप में इंडस्ट्री में संघर्ष कर रहे थे और उनकी स्क्रिप्ट हर जगह से ठुकरा दी जाती थी, तब दिग्गज निर्माता एन.एन. सिप्पी के बेटे प्रवेश सिप्पी ने सुभाष घई के डायरेक्शन स्टाइल से प्रभावित होकर अपने पिता को उनका नाम सुझाया था. इसी भरोसे के कारण सुभाष घई को बतौर निर्देशक उनकी पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कालीचरण’ (1976) मिली थी.

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एनएस/वीसी