हेट स्पीच मामला: कलकत्ता हाई कोर्ट ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाई

कोलकाता, 24 अगस्त . कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को नादिया जिले की कृष्णानगर अदालत द्वारा तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी. यह वारंट अदालत में पेश न होने के कारण जारी किया गया था.

जस्टिस देबांग्सु बसाक और आर्यक दत्त की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया कि इस मामले पर 27 अगस्त को फिर से सुनवाई हो. उस दिन कोर्ट नादिया जिला कोर्ट में चल रहे मामले में शिकायतकर्ता की बात सुनेगी, जिसमें मोइत्रा पर महिलाओं का अपमान करने और नफरत फैलाने वाले भाषण देने का आरोप है.

डिवीजन बेंच ने आदेश दिया कि 31 अगस्त तक महुआ मोइत्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती.

पश्चिम बंगाल की एक कोर्ट ने 19 अगस्त को कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ भारतीय सेना के बारे में विवादित टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया.

आरोप है कि इस मामले में कई बार समन भेजे जाने के बावजूद महुआ कोर्ट में पेश नहीं हुईं. इसीलिए उनकी पेशी के आखिरी दिन उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया.

महुआ पर न सिर्फ भारतीय सेना बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी विवादित और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है. इसके अलावा, तुलसी माला, बुर्का और हिजाब पहनने वाली महिलाओं पर उनकी कुछ टिप्पणियों से विवाद खड़ा हो गया था. इसे देखते हुए नादिया जिले के कृष्णानगर के एक निवासी ने हाल ही में कोर्ट में याचिका दायर की.

शिकायतकर्ता के वकील शीर्षेंदु दास ने कहा कि पहले भी कई बार महुआ के नाम समन जारी किए गए थे. उन्हें कृष्णानगर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा गया था. हालांकि, वह एक दिन भी कोर्ट नहीं आईं.

महुआ की टिप्पणियों के बाद, उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. मामले में महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने, अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी भड़काने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने, डराने-धमकाने और नफरत फैलाने वाले भाषण देने से जुड़ी धाराएं जोड़ी गई हैं.

सोमवार को महुआ मोइत्रा के वकील ने हाई कोर्ट को बताया कि निचली अदालत के जज ने उनका बयान सुने बिना ही गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था. निचली अदालत में मामले की सुनवाई 18 अगस्त को हुई थी. उस दिन महुआ मोइत्रा कोर्ट में पेश हुई थीं, लेकिन बार एसोसिएशन की हड़ताल के कारण उस दिन मामले की सुनवाई नहीं हो सकी.

महुआ मोइत्रा के वकील ने कोर्ट में आगे कहा कि मामले को 19 अगस्त को सुनवाई के लिए फिर से सूचीबद्ध किया गया था. उस दिन महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया. उन्होंने दलील दी कि निचली अदालत के पास इस अर्जी पर सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है. यह मामला खास तौर पर एमपी और एमएलए के लिए बनी एमपी-एमएलए अदालत में चलना चाहिए.

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, जस्टिस देबांग्शु बसाक और जस्टिस आर्यक दत्त की डिवीजन बेंच ने कहा कि इस मामले की सुनवाई 27 अगस्त को होगी. बेंच ने यह भी कहा कि 31 अगस्त तक महुआ मोइत्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती.

एससीएच