अंकित शर्मा हत्याकांड: दोषी जावेद की याचिका पर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस, अगली सुनवाई 2 दिसंबर को

नई दिल्ली, 18 अगस्त . दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाए जावेद की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया. दिल्ली हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी.

आम आदमी पार्टी से पूर्व पार्षद रहे ताहिर हुसैन के साथ ही इन दोनों दोषियों को 31 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि अंकित शर्मा की दंगों के दौरान बेरहमी से हत्या की गई थी.

जावेद के वकील ने कहा कि अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि अभियोजन पक्ष घटना के समय आरोपी की भूमिका साबित करने में विफल रहा. इसके बाद दोषी जावेद ने दिल्ली हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है.

यह मामला फरवरी 2020 का है, जब उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. उनका शव चांदबाग इलाके में एक नाले से बरामद किया गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि अंकित के शरीर पर 40 से ज्यादा घाव थे.

31 जुलाई को सजा के ऐलान के बाद दोषी ताहिर हुसैन ने दावा किया था कि वे इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देंगे और उम्मीद जताई कि इंसाफ मिलेगा. उधर, दोनों दोषियों ने भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसके बाद हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है.

अंकुर शर्मा के परिजनों का कहना था कि अगर यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट या Supreme Court तक जाता है तो परिवार इसे आगे भी लड़ेगा. हमारी मांग थी कि इसे ‘दुर्लभतम मामलों’ की श्रेणी में माना जाना चाहिए था. दोषी को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी. हम चाहते थे कि उसे मौत की सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि अदालत ने न्याय किया है लेकिन ताहिर हुसैन को मौत की सजा दी जानी चाहिए थी.

दूसरी ओर, ताहिर हुसैन की वकील तारा नरूला ने कहा था कि अदालत के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने अंकित शर्मा की हत्या की बर्बरता को ध्यान में रखा. हालांकि, कोर्ट ने यह भी माना कि हत्या में इनमें से किसी भी दोषी की सीधी भूमिका नहीं पाई गई. ऐसा कोई ठोस सबूत या आरोप नहीं था, जिससे यह साबित हो सका कि उन्होंने अंकित शर्मा को घसीटा या उन पर किसी हथियार का इस्तेमाल किया. वे सभी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. हमें उम्मीद है कि वहां हमारा पक्ष मजबूत रहेगा.

एसएके/पीएम