अमेर‍िका से मुआवजा लेने वाले जहाजों को होर्मुज से न‍िकलने की अनुमत‍ि नहीं : ईरान

तेहरान, 28 जुलाई . ईरान की सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के मुताब‍िक, ईरान के मुख्य सैन्य कमान, खात्म अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने मंगलवार को कहा कि जो भी देश या कंपनी ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों से मुआवजा स्वीकार करेगी, उसके जहाजों को होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

कमान के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि खाड़ी क्षेत्र में ईरान से हुए नुकसान का भुगतान ईरान के फ्रीज क‍िए हुए धन से किया जाएगा.

प्रवक्ता ने कहा कि ईरान का मानना है कि इन जहाजों को नुकसान अमेरिका की सैन्य गतिविधियों से पैदा हुई असुरक्षा के कारण हुआ. उन्होंने कहा कि जहाज होर्मुज स्‍ट्रेट के दक्षिण में एक ऐसे समुद्री रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसे ईरान गैरकानूनी और असुरक्षित मानता है.

प्रवक्ता ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल उन सभी देशों या कंपनियों के जहाजों को होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने से रोक देंगे, जो इस तरह का मुआवजा स्वीकार करेंगे.

सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरानी धन का इस्तेमाल होर्मुज स्‍ट्रेट में संघर्ष के दौरान क्षतिग्रस्त हुए जहाजों के नुकसान की भरपाई के लिए किया जाएगा.

एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने पैसे से शिपिंग कंपनियों को मुआवजा नहीं देगा.

जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका सीधे कंपनियों को भुगतान करेगा, तो ट्रंप ने कहा, “नहीं. हम ईरान के पैसे का इस्तेमाल करेंगे ताकि उनकी ओर से किए गए नुकसान का भुगतान किया जा सके.”

उन्होंने कहा क‍ि दूसरे शब्दों में, ईरान का वह पैसा जो हमारे नियंत्रण में है, नुकसान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. ट्रंप ने यह नहीं बताया कि अमेरिका के नियंत्रण में ईरान का कितना पैसा है, किन शिपिंग कंपनियों को मुआवजा मिलेगा और भुगतान किस तरीके से किया जाएगा.

राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद होर्मुज स्‍ट्रेट की स्थिति बेहतर हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत चल रही है.

ट्रंप ने कहा क‍ि उनका पूरा तट बर्बाद हो चुका है. अब होर्मुज स्‍ट्रेट की स्थिति बहुत अच्छी है और हम इस समय बातचीत कर रहे हैं. बातचीत जारी रहने के दौरान ईरान ने हमलों को रोकने की अपील की थी. उन्होंने संकेत दिया कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है.

एवाई/एबीएम