
नई दिल्ली, 14 अगस्त . एयर इंडिया की 4 अगस्त को फुकेत-दिल्ली उड़ान (एआई 2379) के हाइड्रोलिक फेल होने से अचानक 300 फीच नीचे वाली रिपोर्ट्स पर शुक्रवार को एक्सपर्ट ने कहा कि जब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आता, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता है.
एविएशन एक्सपर्ट सुभाष गोयल ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि उड़ान के दौरान हाइड्रोलिक फेल होने से विमान के नीचे आने की कुछ रिपोर्ट्स सामने आई हैं, लेकिन जब तक एयरबस, घटना की जांच कर रही विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) कोई बयान जारी करते हैं, तब तक ऐसी रिपोर्ट्स पर कुछ भी कहना मुश्किल है.
रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली की उड़ान के दौरान, एयर इंडिया के एयरबस ए320 विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने की वजह से चार सेकंड के लिए फ्लाइट कंट्रोल काम नहीं कर पाए, जिसके कारण विमान की ऊंचाई अचानक 300 फीट कम हो गई.
फिलहाल इस मामले की जांच एएआईबी कर रहा है. अचानक से ऊंचाई में कमी के बाद विमान में सवार 145 में से 24 लोग (क्रू) समेत घायल हो गए थे.
इसके अलावा, गोयल ने एयर इंडिया के सभी पायलट के डोप टेस्ट पर कहा कि यह एक बहुत अच्छा फैसला है. इससे एयर इंडिया में सुरक्षा बढ़ेगी और मैं इस फैसले का स्वागत कर सकता हूं.
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के उद्देश्य से समूह के सभी पायलटों के लिए अनिवार्य ड्रग और प्रतिबंधित दवाओं की जांच शुरू करने का फैसला किया है.
द्वारा देखे गए, एयर इंडिया की ओर से पायलटों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यह स्क्रीनिंग कार्यक्रम 13 अगस्त से लागू हो गया है और एयर इंडिया समूह के सभी पायलट इसके दायरे में आएंगे. कंपनी ने कहा है कि वर्षों से एयर इंडिया ने अपने पायलटों और कर्मचारियों की पेशेवर क्षमता, कौशल और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के दम पर अपनी पहचान बनाई है. ऐसे में यात्रियों का भरोसा बनाए रखना कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.
–
एबीएस