पीएमश्री योजना को लेकर केरल सरकार ने कैबिनेट की उप समिति बनाई

तिरुवनंतपुरम, 17 जून . केरल में बुधवार को हुई कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक के बाद पीएम श्री योजना का मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया. मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि केरल सरकार इस बात पर विचार करेगी कि शिक्षा नीति पर राज्य के रुख से समझौता किए बिना आगे कैसे बढ़ा जाए.

केरल के सीएम सतीशन ने कहा कि पिछली लेफ्ट सरकार के समझौते पर साइन करने के बाद केरल पीएम श्री स्कीम का हिस्सा बन गया था और राज्य को पहले ही केंद्र से मदद मिल चुकी है.

उन्होंने बताया कि लगभग 99 करोड़ रुपए का इस्तेमाल हो चुका है और केंद्र ने 106 करोड़ रुपए और मंजूर किए हैं.

सीएम सतीशन ने कहा कि हमारा वैचारिक रुख यह है कि पाठ्यक्रम तय करने या स्कूलों को चुनने का काम केंद्र को नहीं करना चाहिए. यह राज्य का अधिकार होना चाहिए.

केरल सरकार ने इस मुद्दे पर अध्ययन करने और राज्य का भविष्य का रुख तय करने के लिए चार सदस्यों वाली मंत्रियों की एक उप-समिति बनाई है.

उन्होंने कहा कि संयुक्त रणनीति की संभावना तलाशने के लिए गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बातचीत की गई.

सतीशन ने आरोप लगाया कि हालांकि पिछली लेफ्ट सरकार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह समझौते पर साइन नहीं करेगी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने कैबिनेट को बताए बिना ही उस पर साइन कर दिए.

उन्होंने कहा कि केरल अब पीएम श्री का हिस्सा है क्योंकि हम पहले ही फंड ले चुके हैं. हमारे सामने सवाल यह है कि बिना समझौता किए आगे कैसे बढ़ा जाए.

प्रशासनिक सुधारों पर सतीशन ने कहा कि सरकार ने वित्त विभाग में फाइलों का बैकलॉग देखा है, जिससे फैसले लेने में देरी हो रही है.

हर विभाग में संयुक्त सचिव स्तर के एक एकीकृत वित्तीय सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी, जो यह तय करेंगे कि किन फाइलों के लिए वित्त विभाग की मंजूरी जरूरी है.

उन्होंने कहा कि पुराने हो चुके खरीद मैनुअल की समीक्षा कैबिनेट की उप-समिति करेगी. नई सरकार का पहला 100-दिन का कार्यक्रम 1 जुलाई से शुरू होगा.

तीन वाइस-चांसलर के संघ से जुड़ी बैठक में शामिल होने पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए सतीशन ने लेफ्ट विपक्ष पर ‘गलत बातें’ फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब चार वाइस-चांसलर ऐसे ही कार्यक्रम में शामिल हुए थे. तब पिछली सरकार के मुख्यमंत्री चुप रहे थे.

उन्होंने सहकारी विभाग की फीस बढ़ाने, मुफ्त यात्रा योजना से पहले बसें हटाने और राशन वितरण में रुकावट के आरोपों को भी खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया.

डीकेएम/पीएम