
मेरठ, 21 सितंबर . उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नकारात्मक ताकतें फिर से समाज को बांटने का काम करेंगी. वे जाति के नाम पर समाज को बांटेंगी और महापुरुषों को भी जातीय आधार पर बांटने का पाप करेंगी, लेकिन हमें इस विभाजन को नहीं होने देना है. महापुरुष पूरे समाज के होते हैं, उन्हें किसी जाति के दायरे में सीमित कर उनके महत्व को कम नहीं किया जा सकता.
सीएम योगी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की उपस्थिति में जनपद मेरठ में आयोजित भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों के सम्मेलन को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के इतिहास, क्रांति और अन्नदाताओं के सामर्थ्य की धरती मेरठ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का सभी की ओर से हृदय से स्वागत और अभिनंदन है. राष्ट्रीय अध्यक्ष के दो दिवसीय प्रवास के क्रम में पश्चिम क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को उनका सानिध्य और मार्गदर्शन मिल रहा है. शक्ति केंद्र सम्मेलन के माध्यम से कार्यकर्ताओं की शक्ति को जागृत करने और उस जागरण को पार्टी के लिए उपयोगी बनाने के साथ राष्ट्र प्रथम के भाव से प्रधानमंत्री के संकल्पों के अनुरूप आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत में कार्यकर्ताओं की भूमिका के लिए आह्वान किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश है. भारतीय जनता पार्टी का भाव है कि मेरा सब कुछ देश के लिए होगा. जो लोग कहते हैं ‘मुझे क्या-मुझे क्या’, यह मंथरा बुद्धि है. ‘को नृप होई हमें का हानि’ का भाव पहचान का संकट खड़ा करता है, पलायन करवाता है, विकास को बाधित करता है और अन्नदाता किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली परिस्थितियां पैदा करता है. इसी भाव ने देश को नुकसान पहुंचाया और देश गुलाम हुआ तथा उसके सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ.
उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद एक नए भारत का दर्शन हुआ. ऐसा भारत जो अपनी विरासत पर गर्व करता है और विकास के लिए गति के साथ आगे बढ़ रहा है. आज ऐसा भारत है जिसके सामने पहचान का संकट नहीं है. सीना तानकर चलता है और दुनिया की आंख में आंख डालकर बात करता है. कोई चुनौती देने का दुस्साहस करता है तो भारत मांद में घुसकर मारना भी जानता है. भारत की अर्थव्यवस्था बॉटम फाइव से टॉप फाइव में आ गई है. इसी देश में कभी सनातन और हिंदू परंपरा को कोसने तथा उसे गजनवी, गोरी, इब्राहिम लोदी, बाबर और औरंगजेब के समकक्ष ठहराने का प्रयास किया जाता था. अब नया भारत गुलामी की मानसिकता को समाप्त कर विरासत पर गौरव की अनुभूति कर रहा है. इसकी परिणति काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के रूप में सामने है. जो लोगों के लिए असंभव था, वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा-वृंदावन सज-संवर रहा है. भागवत भूमि शुकतीर्थ के पुनरुद्धार की कार्ययोजना चल रही है और विदुर कुटी के लिए भी धनराशि आवंटित की गई है. विरासत-सनातन को कोसने वालों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी. लेकिन, भाजपा सरकार ने कहा कि कांवड़ यात्रा को कोई नहीं रोक सकता. यह धूमधाम से चलेगी. मैं स्वयं कांवड़ यात्रा में शामिल होता हूं और पुष्पवर्षा करता हूं. यह सनातन का प्रतीक है. अब कोई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक नहीं लगा सकता, मेरठ की क्रांति धरा को अपमानित नहीं कर सकता.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मेरठ में कट्टा-बंदूक की राजनीति नहीं हो सकती. युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यहां से एक घंटे की दूरी पर बनकर तैयार हो गया है. मेरठ की बेटी पारुल चौधरी भारत के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आती है. उत्तर प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेजर ध्यानचंद के नाम पर मेरठ में बन रही है. दिल्ली-मेरठ के बीच 12 लेन का एक्सप्रेसवे और नमो भारत ट्रेन सफलतापूर्वक चल रही है. अब फिल्म सिटी बन रही है, मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहा है और सेमीकंडक्टर की यूनिट लग रही है. इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी बड़ा काम हुआ है. भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के 60 प्रतिशत कंपोनेंट और 55 प्रतिशत मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं.
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है. परंपरागत उद्यम फिर से पुनर्जीवित किया गया, जिसमें 3 करोड़ 25 लाख नौजवान रोजगार प्राप्त कर रहे हैं. दंगाइयों की कमर टूटने के कारण प्रदेश दंगा-कर्फ्यू मुक्त हुआ है तथा इसके कारण बड़े-बड़े रोजगार भी प्रदेश में आए हैं. अब उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है. अब कोई यूपी वाला कहकर अपमानित नहीं करता. मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, शामली, सहारनपुर या बिजनौर की पहचान बताने पर सम्मान की निगाह से देखा जाता है. यदि बाहर जाकर कोई कहता है कि वह यूपी से आया है तो सामने वाला उसे गले लगाने के लिए तैयार होता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले न बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी. हर ओर अराजकता थी, महीनों-महीनों कर्फ्यू रहता था, व्यापार तबाह होता था और नौजवान की नौकरी पर पहले ही डकैती पड़ जाती थी. उत्तर प्रदेश की पहचान वापस दिलाने में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के साथ कार्यकर्ताओं के परिश्रम और पसीने का योगदान है. आने वाली पीढ़ी अब यह नहीं कहेगी कि आपने क्या किया. कार्यकर्ता आने वाली पीढ़ी को बता सकता है कि जब वह भाजपा के शक्ति केंद्र का प्रमुख था, तब 12 लेन का एक्सप्रेसवे बना था, नमो रैपिड रेल आई थी. इन उपलब्धियों को स्मृति के रूप में संजोकर रखें और भावी पीढ़ी को बताएं कि जो काम 500 वर्षों में नहीं हो पाया, वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के रूप में हुआ.
सीएम योगी ने कहा कि यह कार्यकर्ताओं का अधिकार है कि वे कहें- मुझे पहचान मिली है, मुझे मेरे राम मिले हैं, मुझे मेरे कृष्ण मिले हैं और मुझे भोले शंकर मिले हैं, बाबा विश्वनाथ का पवित्र धाम मिला है. यही हमारी पहचान है. प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में भाजपा को दुनिया के सबसे बड़े दल के रूप में स्थापित करने का श्रेय भी कार्यकर्ताओं को जाता है. उत्तर प्रदेश पहले बीमारू राज्य था, लेकिन आज कोई इसे बीमारू नहीं कह सकता. आज यूपी देश की टॉप-थ्री इकॉनमी में गिना जाता है. अब उत्तर प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ है. इसके साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ के माध्यम से स्थानीय खान-पान और उत्पादों को भी वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास हो रहा है. मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ और मुजफ्फरनगर के गुड़ को भी इसमें शामिल किया गया है.
उन्होंने आगे कहा कि इस बदलाव को कुछ लोग बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे. जो लोग दंगा करवाते थे, दंगाइयों और माफियाओं के सामने घुटना टेकते थे, दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित करते थे और वसूली में मस्त रहते थे, वे फिर से समाज को बांटने का काम करेंगे. वे जाति के नाम पर समाज को बांटेंगे और महापुरुषों को भी जातीय आधार पर बांटने का प्रयास करेंगे. महापुरुष किसी एक जाति के नहीं होते. कोतवाल धन सिंह गुर्जर भारत के स्वाधीनता आंदोलन के नायक हैं और हर भारतीय के लिए श्रद्धा एवं सम्मान के नायक हैं. महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज राष्ट्रनायक हैं. इन्हें जातीय दायरे में नहीं बांधा जा सकता. क्रांतिकारियों की सिरमौर और क्रांतिकारियों को प्रोत्साहित करने वाली दुर्गा भाभी सभी की आदर्श हैं.
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विकेटी/एसके