
कोलकाता, 4 अगस्त . पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दीपक बर्मन ने पाठ्यक्रम परिवर्तन और नई नीति के कार्यान्वयन को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम आने वाले दिनों में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल बोर्ड जैसी व्यवस्थाओं को भी शुरू करने जा रहे हैं. हम छात्रों को शुद्ध जल भी मुहैया कराएंगे. स्वच्छ शौचालय की भी सुविधा देंगे, ताकि किसी भी स्टूडेंट को कोई दिक्कत नहीं हो. हम हर प्रकार की सुविधा स्टूडेंट को उपलब्ध कराएंगे.
दीपक बर्मन ने एक सवाल का जवाब देते हुए मजाकिया लहजे में कहा कि मैं मौजूदा समय में मंत्री हूं. मैं बहुमुखी प्रतिभा का धनी तो नहीं हूं कि आपको हर विभागों के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब दे सकूं. मैं आपको इतना जरूर कह सकता हूं कि जब निकट भविष्य में इस पद पर नही रहूंगा, तो आप मुझसे अध्यापकों के संबंध में सवाल कर सकते हैं, तब मैं आपको उस बारे में पूरी जानकारी दे पाऊंगा.
उन्होंने आगे कहा कि आगामी 2027 में सिलेबस में छोटा सा बदलाव किया जाएगा. अभी इसकी समीक्षा की जाएगी. इसका पूरा नया करिकुलम बनेगा. इसका नया सिलेबस 2028 में लागू किया जाएगा. हम जब फाइनल ड्राफ्ट तैयार करेंगे, उसे आम लोगों के बीच में प्रस्तुत करेंगे. हम समाज के सभी वर्गों का सुझाव मांगेंगे. हम राजनीतिक वर्ग, एनजीओ और शिक्षकों से सुझाव मांगेंगे. इसके बाद उसे सिलेबस कमेटी की ओर से उसका रिव्यू किया जाएगा. इसके बाद हम उस नतीजे पर पहुंचेंगे कि हम आगामी दिनों में उसे सिलेबस में कितना शामिल कर पाएंगे.
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दीपक बर्मन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर भी अपनी बात रखी. उनके मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2022 को हमारे राज्य में पहले से ही लागू किया जा चुका है. इस दिशा में हम लगातार काम कर रहे हैं. यह काम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत ही किया जा रहा है. इसके अलावा, जो भी कमियां सामने आ रही है, उसे फौरन दूर करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है.
वहीं, उन्होंने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की तारीफ की. उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में 90 फीसदी लोग सरकारी स्कूलों में ही पढ़ते हैं. राज्य में कई ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जहां से निकलने के बाद बच्चे बहुत अच्छा कर रहे हैं. अभी बोर्ड का एग्जाम हुआ है, उसमें भी टॉप 10 में आने वाले छात्र सरकारी स्कूलों से ही हैं. इसके बावजूद भी हम सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. हम ऐसा नहीं कह सकते हैं कि सभी स्कूल खराब है. इसमें पढ़ाने वाले विद्यार्थी बहुत ही प्रतिभाशाली हूं.
मंत्री ने कहा कि ऐसा बहुत से स्कूल हो सकते हैं, जिसमें जितने शिक्षक होने चाहिए, उतने नहीं हैं. उसे हम दूर करने कि दिशा में काम कर रहे हैं. हम बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं.
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एसएचके/वीसी