सपा के नए ड्रेस कोड पर सियासत, राजेंद्र पाल गौतम बोले- कपड़े की नहीं विचारधारा की है लड़ाई

लखनऊ, 9 सितंबर . समाजवादी पार्टी के नए नीले ड्रेस कोड को लेकर भाजपा की आलोचना पर कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि किसी को भी अपनी पसंद के कपड़े पहनने की आजादी है और इस मुद्दे पर भाजपा क्या कह रही है, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई कपड़ों को लेकर नहीं, बल्कि विचारधारा को लेकर है.

राजेंद्र पाल गौतम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश के दलित, पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों से शिक्षा और रोजगार के अवसर छीने जा रहे हैं. निजीकरण के कारण सरकारी नौकरियों के अवसर कम हुए हैं. गौतम ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बेचने की नीतियों का विरोध किया.

कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए गांव-गांव स्कूल खोले गए थे, लेकिन भाजपा सरकारों ने कम छात्र संख्या का हवाला देकर कई स्कूल बंद कर दिए. सरकार को यह विचार करना चाहिए कि स्कूलों में बच्चों की संख्या कम क्यों हो रही है. सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, लाइब्रेरी, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए. यदि किसी स्कूल में 20 शिक्षकों की जरूरत है और वहां सिर्फ एक शिक्षक है तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी.

उन्होंने विशेष रूप से बच्चियों के लिए स्कूलों में शौचालय और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया. कांग्रेस नेता ने कहा कि सुविधाएं सुधारने के बजाय सरकार बच्चों और उनके अभिभावकों को कम छात्र संख्या के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है.

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई व्यवस्था कमजोर है तो उसका इलाज किया जाना चाहिए. समस्याओं को दूर करने के बजाय स्कूलों को बंद करना समाधान नहीं है. उन्होंने भाजपा सरकारों पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘अक्षम’ और ‘अप्रभावी’ बताया. कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार को शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि गरीब और वंचित वर्गों के बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके.

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पीएसके