अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कीमती धातुओं में दबाव, सोने-चांदी की कीमतों में 1.6 प्रतिशत तक की गिरावट

नई दिल्ली, 14 अगस्त . अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को कीमती धातुओं में दबाव देखने को मिला. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा ईरान के खिलाफ अभूतपूर्व आर्थिक कदम उठाने की चेतावनी के बाद निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई, जिसके चलते सोने और चांदी की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई.

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना वायदा कारोबार के दौरान अपने पिछले बंद 1,53,466 से 1,543 रुपए यानी 1 प्रतिशत गिरकर 1,51,923 रुपए प्रति 10 ग्राम के इंट्रा-डे निचले स्तर तक पहुंच गया. हालांकि बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी हुई और खबर लिखे जाने तक यह 0.64 प्रतिशत यानी 866 रुपए फिसलकर 1,52,480 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया. कारोबार के दौरान सोने ने 1,53,200 रुपए का इंट्रा-डे उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली हावी रही.

इसी तरह सितंबर डिलीवरी वाली चांदी वायदा में भी कमजोरी देखने को मिली. चांदी का भाव कारोबार के दौरान 3,897 रुपए यानी 1.65 प्रतिशत गिरकर 2,31,550 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया, जो दिन का निचला स्तर रहा. हालांकि इसमें भी बाद में रिकवरी हुई और खबर लिखे जाने तक चांदी 0.83 प्रतिशत यानी 1,951 रुपए पर ट्रेड करती नजर आई. सत्र के दौरान चांदी ने 2,33,982 रुपए का उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन बाजार में दबाव बना रहा.

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं में यह कमजोरी उन खबरों के बाद आई है जिनमें अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ आर्थिक अलगाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी जैसी रणनीतियों का सहारा ले सकता है. इन घटनाक्रमों ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है.

तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि एमसीएक्स सोना हाल के उच्च स्तर 1,55,500 रुपए के आसपास से दबाव में आया है और फिलहाल 1,52,500 रुपए के करीब कारोबार कर रहा है. उनके मुताबिक 1,53,000 से 1,53,500 रुपए का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है. यदि सोना इस स्तर के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो अगला लक्ष्य 1,54,000 से 1,54,500 रुपए हो सकता है.

दूसरी ओर, सोने के लिए तत्काल सपोर्ट 1,52,000 से 1,51,500 रुपए के बीच माना जा रहा है, जबकि 1,51,000 रुपए का स्तर मजबूत सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है.

विशेषज्ञों का कहना है कि सोना अभी भी अपने प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) के ऊपर कारोबार कर रहा है, लेकिन एमएसीडी संकेतक तेजी की रफ्तार कमजोर पड़ने का संकेत दे रहा है. वहीं आरएसआई भी ओवरबॉट जोन से नीचे आया है, जिससे निकट अवधि में दबाव की संभावना बनी हुई है.

चांदी के संबंध में विश्लेषकों का कहना है कि 2,32,000 रुपए के आसपास महत्वपूर्ण सपोर्ट मौजूद है. इसके नीचे 2,31,500 से 2,31,000 रुपए का क्षेत्र अगला मजबूत सपोर्ट हो सकता है. तकनीकी संकेतकों के अनुसार, चांदी 20-दिवसीय ईएमए के नीचे फिसल चुकी है और एमएसीडी भी तेजी की कमजोर होती गति का संकेत दे रहा है. आरएसआई में नरमी भी निकट अवधि में दबाव बढ़ने की ओर इशारा कर रही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चांदी 2,32,000 रुपए के स्तर से नीचे टिकती है, तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है. फिलहाल वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.

डीबीपी