
नई दिल्ली, 28 सितंबर . उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से राम मंदिर को लेकर दिए गए बयान और सपा-कांग्रेस के पर निशाना साधने पर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है.
से उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा, “मुख्यमंत्री के इस बयान का मैं समर्थन करता हूं. राजनीति में भाषा पर लोगों को संयम बरतना चाहिए. काम के आधार पर वोट मांगना चाहिए, न कि गुमराह करके और गलत संदेश देकर.”
भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा, “उत्तर प्रदेश का चुनाव आ रहा है, जितनी भी राम विरोधी शक्तियां थीं वे अब राम नाम का गुणगान करने लगी हैं. यूपीए सरकार के वक्त इन लोगों ने Supreme Court में कह दिया था कि रामलला का अस्तित्व ही नहीं है, रामलला का कोई प्रमाण नहीं है. आज चुनाव देखते ही इनको राम मंदिर की याद आ रही है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कड़ी कार्रवाई की गई. एसआईटी की ओर से रिकॉर्ड समय में चार्जशीट दाखिल की गई. अगली लड़ाई ‘राम द्रोहियों और राम भक्तों’ के बीच होने वाली है.
समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने कहा, “भगवान को सबसे ज्यादा समाजवादी लोग मानते हैं. हम भगवान को मानते है लेकिन उनके नाम पर वोट नहीं मांगते. भाजपा के लोग भगवान के नाम पर वोट मांगते हैं और चंदा चोरी करते हैं. भगवान श्रीराम के नाम की नाव पर बैठकर इन लोगों ने देश और प्रदेशों में सरकारें बनाईं. भगवान श्रीराम के साथ सबसे ज्यादा किसी ने छल किया है तो भाजपा के लोगों ने किया है. इन लोगों ने चढ़ावा चोरी की ओर पूरे समाज में कलंकित हुए.”
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा, “चंपत राय और अनिल मिश्रा को गवाह बनाकर कर सरकार की ओर से क्लीनचिट दे दी गई. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि जो दोषी थे उनको सरकारी गवाह बनाकर बचाने का काम किया गया. इससे बड़ा राम द्रोही होने का कोई प्रमाण नहीं हो सकता.”
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एसडी/पीएम