
मिर्जापुर, 1 जुलाई . उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रामपुर और रामपुरी चाकू को लेकर दिए गए बयान का महंत योगानंद गिरि ने समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी का बयान पूरी तरह सार्थक है और रामपुर में अपराध पर नियंत्रण और विकास के संबंध में उनके प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए.
महंत योगानंद गिरि ने से बातचीत में कहा कि रामपुर की पहचान लंबे समय तक रामपुरी चाकू के नाम से रही है. रामपुरी चाकू केवल एक उत्पाद नहीं था; यह रामपुर के लोगों के लिए रोजगार और व्यवसाय का प्रमुख माध्यम हुआ करता था. यह चाकू पूरे देश में बिक्री के लिए भेजा जाता था और इससे बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका जुड़ी हुई थी. समाजवादी पार्टी के शासनकाल में रामपुरी चाकू का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ. जो चाकू कभी रोजगार का साधन था, वही समय के साथ रामपुर के लिए अभिशाप बन गया. इसी के दम पर अपराध, जमीनों पर कब्जा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियां बढ़ीं, जिससे रामपुर का आम जनमानस लंबे समय तक परेशान रहा.
महंत योगानंद गिरि ने कहा कि 2017 के बाद रामपुर की स्थिति में बदलाव देखने को मिला है. अब रामपुर एक नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है, जहां रोजगार, व्यवसाय, सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण दिखाई देता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रामपुर को विकास की दिशा में आगे ले जाने का प्रयास किया गया है.
मुख्यमंत्री योगी के बयान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम ने रामपुर में व्याप्त अपराध को समाप्त करने की दिशा में काम किया, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए और जिले को औद्योगिक पहचान दिलाने का प्रयास किया. आज का रामपुर पहले के रामपुर से अलग दिखाई देता है और यह बदलाव सरकार के प्रयासों का परिणाम है.
महंत योगानंद गिरि ने आगे कहा कि केवल रामपुर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई ऐसे जिले थे जहां कभी अपराध का बोलबाला था. आज प्रदेश ‘उत्तम प्रदेश’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर व्यापार का विस्तार हो रहा है, नए व्यापारिक संसाधन विकसित किए जा रहे हैं और विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं. इससे प्रदेश की जनता के बीच प्रसन्नता और खुशहाली का वातावरण देखने को मिल रहा है.
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पीएसके