
नई दिल्ली, 6 अगस्त . भारतीय ऑटो रिटेल इंडस्ट्री में पहली बार प्रत्येक वाहन श्रेणी ने जुलाई में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया. इस दौरान कुल 25,91,138 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो सालाना आधार पर 25.89 प्रतिशत अधिक है. यह जानकारी फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (फाडा) की ओर से गुरुवार को दी गई.
फाडा के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा, “यह कोविड से प्रभावित आधार वर्षों को छोड़कर जुलाई में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. हालांकि, जून के मुकाबले बिक्री स्थिर रही है. दोपहिया वाहनों की बिक्री 18,18,289 यूनिट्स रही. इसमें सालाना आधार पर 28.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. यह पहला मौका है, जब दोपहिया वाहनों की बिक्री जुलाई में 18 लाख यूनिट्स को पार कर गई है.
सालाना आधार पर जुलाई में दोपहिया वाहनों की बिक्री शहरी इलाकों में 27.86 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में 28.59 प्रतिशत बढ़ी है.
जुलाई में यात्री वाहनों (पीवी) की रिटेल बिक्री 4,16,555 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 19.13 प्रतिशत अधिक है. ऐसा पहली बार हुआ है कि जुलाई में पीवी की बिक्री 4 लाख के आंकड़े को पार कर गई.
ग्रामीण इलाकों में पीवी की बिक्री 24.72 प्रतिशत बढ़ी, जबकि शहरी इलाकों में यह 15.76 प्रतिशत बढ़ी, जिससे ग्रामीण भारत का दबदबा और मजबूत हुआ.
फाडा के अनुसार, डीलरों ने इसका श्रेय जीएसटी 2.0 के तहत किफायती कीमतों, नई गाड़ियों के लॉन्च और स्कीमों से मिली मदद को दिया. 44.05 प्रतिशत डीलरों ने कहा कि ओईएम स्कीमों से जुलाई में बुकिंग बढ़ाने में मदद मिली. साथ ही, ई20 बदलाव को लेकर ग्राहकों की हिचकिचाहट ने खरीदारों को सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी की ओर आकर्षित किया.
कमर्शियल व्हीकल (सीवी) की रिटेल बिक्री 99,666 यूनिट रही, जो 24.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. यह जुलाई महीने में अब तक की सबसे अधिक बिक्री है और यह एक लाख के आंकड़े के बहुत करीब है. यहां भी ग्रामीण इलाकों ने शहरी इलाकों (19.36 प्रतिशत) के मुकाबले 29.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ साफ तौर पर बाजी मारी, जिससे यह पुष्टि होती है कि सामान की ढुलाई की मांग मेट्रो शहरों से आगे भी बढ़ रही है.
वहीं, थ्री-व्हीलर की बिक्री 1,33,778 यूनिट (16.16 प्रतिशत बढ़ोतरी) रही, जो जुलाई महीने में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. इसमें ईवी की हिस्सेदारी 65.08 प्रतिशत रही. ट्रैक्टर की बिक्री 1,17,349 यूनिट रही, जिसमें 28.10 प्रतिशत की उछाल आया. ग्रामीण इलाकों में यह बढ़ोतरी 28.83 प्रतिशत रही, जो खरीफ की बुआई में तेजी को दर्शाता है.
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एबीएस