
कोलकाता, 8 अगस्त . पूर्व टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने देश की सुरक्षा के लिए जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन और आंदोलन को बंद करने की बात कही. साथ ही उन्होंने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी का पीए सुमित रॉय से सही तरीके से इनवेस्टीगेट करने पर पश्चिम बंगाल में हुए भ्रष्टाचार उजागर होने का दावा किया है. वहीं, रिजु दत्ता ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और जेन-जी के संवाद का समर्थन किया.
पूर्व टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान मोबाइल में फोटोग्राफ में सुमित रॉय को दिखाते हुए कहा कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी का पीए सुमित रॉय को शनिवार सुबह भवानी भवन में सीआईडी जांच में शामिल होते देखा गया. इनको Supreme Court से रक्षा कवच मिला है, लेकिन यह एक दुर्लभ दर्शन है. सुमित रॉय को पिछले तीन माह से सीआईडी और एसटीएफ ढूंढ रही थी, लेकिन वह किसी के हाथ नहीं लगे.
उन्होंने कहा कि मैं जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि अगर पुलिस प्रशासन और एजेंसियां सही तरीके से जांच करे तो पेंडोरा का बॉक्स खुल जाएगा. पिछले 15 साल में दार्जिलिंग से लेकर डायमंड हार्बर तक पश्चिम बंगाल में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा हो जाएगा. आने वाले समय में क्या होगा? यह देखने के लिए बंगाल की जनता तैयार बैठी है.
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और जेनजी के संवाद को लेकर रिजु दत्ता ने कहा कि युवा पीढ़ी हमारे ही बच्चे हैं. भागवत और जेनजी के पूरे संवाद को मैंने देखा है. एक तरफ मोहन भागवत, जो हमारे गार्जियन हैं, और दूसरी तरफ जेनजी, जो हमारे देश के भविष्य हैं. ये तालमेल बहुत ही सुंदर था.
उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने सही कहा है कि ये हमारे बच्चे हैं और देश के भविष्य हैं. भागवत ने कहा है कि जब हमलोग छोटे थे तब सवाल नहीं उठाते थे और जो बड़े बुजुर्ग बोलते थे हम मान जाते थे.
रिजु दत्ता ने कहा कि आज के दौर के बच्चे सवाल उठाते हैं और उनको तार्किक जवाब देना पड़ेगा. जेनजी सवाल उठा रहा है, मतलब ये एंटी-नेशनल नहीं हैं. मैं मोहन भागवत की बातों से 100 प्रतिशत सहमत हूं.
एनसीपीआई के तीन सांसद, यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान, मुर्शिदाबाद जिले से अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद हैं. मुर्शिदाबाद ज्यादातर माइनॉरिटी बेल्ट है. इन्होंने कहा था कि हम एनसीपीआई में हैं. हम न तो भाजपा में जाएंगे और न ही एनडीए में शामिल होंगे. हालांकि, पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी के ब्रेकफास्ट में तीनों सांसद मौजूद थे. इस मुलाकात के बाद, मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि तीनों एनसीपीआई में रहेंगे और वोट एनडीए के पक्ष में देंगे.
रिजु दत्ता ने कहा कि जंतर-मंतर हर आंदोलन और प्रदर्शन का स्थान बन गया है. यहां पर देश विरोधी मुद्दे उठाए जाते हैं, आजादी के स्लोगन लगते हैं और इस दौरान सारे तमाशे होते हैं. मैं देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अनुरोध करूंगा कि आगे से जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन न हो, इसकी व्यवस्था करें.
उन्होंने कहा कि यह स्थान ऐसी जगह पर स्थित है, जिसके दो किलोमीटर के भीतर देश का संसद है, तीन किलोमीटर के भीतर राष्ट्रपति भवन है, और पांच किलोमीटर के भीतर प्रधानमंत्री का आवास है. जंतर-मंतर के पांच किलोमीटर रेडियस के भीतर पूरे भारत के कैबिनेट मिनिस्ट्री का निवास है. किसान आंदोलन और सीजेपी छात्र आंदोलन से असमाजिक तत्व जुड़ जाते हैं.
उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली पुलिस और पंजाब पुलिस ने बताया है कि छात्र आंदोलन की आड़ में आतंकी हमला होने वाला था. देश की सुरक्षा, राष्ट्रपति की सुरक्षा, प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जंतर-मंतर में धरना प्रदर्शन और आंदोलन बंद होना चाहिए.
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एएसएच/डीकेपी