
मुंबई, 15 जून . वैश्विक स्तर पर स्थिरता के संकेतों से भारतीय शेयर बाजार सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुआ. दिन के अंत में सेंसेक्स 736.38 अंक या 0.97 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,264.33 और निफ्टी 231 अंक या 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,853.90 पर बंद हुआ.
बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई. लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी उछाल देखा गया. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 781.55 अंक या 1.29 प्रतिशत की मजबूती के साथ 61,549.65 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 202.55 अंक या 1.11 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,400 पर था.
सूचकांकों में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शीर्ष पर थे. इसके बाद निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी इन्फ्रा हरे निशान में बंद हुए. दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी मीडिया लाल निशान में बंद हुए.
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, टाइटन, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, आईटीसी और बीईएल गेनर्स थे. एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, एचयूएल, सन फार्मा, टेक महिंद्रा और टाटा स्टील लूजर्स थे.
मार्केट एक्सपर्ट ने सुनिल शाह ने कहा कि भारतीय बाजार में तेजी की वजह ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौते पर बातचीत समाप्त होना और एग्रीमेंट की तारीख तय होना है, जो कि 19 जून तय हुई है. इससे बाजार में निवेशकों के बीच सकारात्मक धारणा लौटी है.
उन्होंने आगे कहा कि इससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और यह 85 डॉलर प्रति के नीचे आ गई है. यह भारतीय बाजार के लिए बहुत अच्छा संकेत है. इससे डॉलर के मुकाबले रुपए पर दबाव कम होगा.
इसके अतिरिक्त कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट खुलने से कच्चे तेल की आपूर्ति बाजार में और बढ़ेगी. यह सभी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं.
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एबीएस