
नई दिल्ली, 6 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को विपक्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियों का समर्थन किया. पार्टी नेताओं ने कहा कि विपक्ष में बैठे कुछ ‘फूफा’ लोग नहीं चाहते हैं कि देश का विकास, समृद्धि और उन्नति हो.
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने कहा, “दिमागी नक्सल एक्सपोज हो चुके हैं. अगर 7.8 प्रतिशत विकास दर के बाद भी उसका विरोध किया जाता है, तो यही ‘दिमागी नक्सल’ है. पूरे विश्व ने भारत का लोहा माना है. पूरे विश्व ने देखा कि जो देश 87 प्रतिशत तेल आयात करता है, वो अगर 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर सकता है तो यह प्रधानमंत्री मोदी और देश की जनता का अटूट तोड़ है. लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ इन आंकड़ों और देश की उपलब्धियों का विरोध करते हैं.”
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष विरोध की राजनीति छोड़कर हकीकत को स्वीकार करता है तो यही उनके लिए बेहतर है.
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने का संकल्प लिया था. उन्होंने जनता से वादा किया था. उस वादे को पूरा करने और उस पैमाने पर खरा उतरने के लिए पीएम मोदी काम कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे जनता से किए गए वादे पूरे हो रहे हैं, वैसे-वैसे विपक्षी दलों में बैठे ‘फूफा’ लोगों के पेट में दर्द हो रहा है. ये लोग नहीं चाहते हैं कि देश का विकास, समृद्धि और उन्नति हो. हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से देश को आगे बढ़ाने का वादा किया है और 2014 से लेकर अब तक वे उस वादे से एक इंच भी पीछे नहीं हटे हैं.”
दानिश आजाद अंसारी ने कहा, “विपक्ष यह जवाब दे कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकास, समृद्धि, उन्नति और विश्व पटल पर भारत को आगे बढ़ाने के लिए किस दिशा में काम नहीं किया. हमेशा झूठे आरोप लगाने वाले विपक्ष के पास कोई तथ्य नहीं है. सिर्फ झूठी बातें करके विपक्ष कब तक अपनी राजनीति चमकाएगा. विपक्ष से सवाल है कि उन्हें अपने कार्यालय के बारे में भी जनता को बताना चाहिए.”
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, “जीडीपी का 7.8 प्रतिशत तक पहुंचना प्रधानमंत्री की क्षमता और प्रशासनिक कुशलता को दर्शाता है. कश्मीर में, जहां कभी पत्थरबाजी और आतंकवादी गतिविधियां आम थीं, अनुच्छेद 370 हटने के बाद से सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है. नक्सलवाद का भी खात्मा किया गया है. प्रदेश की प्रगति हो रही है और विकास के मामले में देश आगे बढ़ रहा है.”
उन्होंने आगे कहा, “राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री के संबोधन का संदेश बिल्कुल साफ था. नक्सली नक्सल-प्रभावित इलाकों को छोड़ रहे हैं और हथियार डाल रहे हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने इस प्रक्रिया के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की. हालांकि, ‘दिमागी नक्सली’ अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहे हैं. इसी वजह से प्रधानमंत्री ने होम्योपैथिक दवा की तरह हल्की डोज देने की बात कही. उन्हें उस दवा का फायदा उठाना चाहिए और अपनी सोच को रचनात्मक और सकारात्मक दिशा में ले जाना चाहिए.”
तेलंगाना भाजपा के नेता टीआर श्रीनिवास ने कहा कि एसआरसीसी में पीएम मोदी के भाषण में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें आतंकवाद के प्रति भारत का नजरिया, रणनीतिक प्रतिरोध और देश की आत्मनिर्भरता की कोशिशें शामिल थीं. श्रीनिवास ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में दिल्ली यूनिवर्सिटी के एसआरसीसी को संबोधित किया. उन्होंने सबसे पहले इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद अब कमजोर पड़ रहा है. उन्होंने रणनीतिक प्रतिरोध के बारे में बात की जो भारत की शर्तों पर काम करता है, न कि दुनिया या महाशक्तियों की शर्तों पर. भारत आत्मनिर्भर बना है, जैसा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देखा गया, जिसमें स्वदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया गया था.”
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डीसीएच/