
उज्जैन, 27 अगस्त . मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक ढाबे पर बुधवार देर रात हुई झड़प में दो लोगों की मौत हो गई. यह घटना करणी सेना से जुड़े दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश के कारण हुई.
बुधवार देर रात कनिपुरा इलाके में ‘लकी दरबार ढाबा’ पर दो पक्षों के बीच बहस के बाद हिंसा भड़क गई.
पुलिस के मुताबिक, एक पक्ष द्वारा कथित तौर पर और लोगों को बुलाने के बाद स्थिति बिगड़ गई. खबर है कि करीब 12 से 15 हथियारबंद लोग मौके पर पहुंचे और चाकू व तलवारों से विरोधी गुट के सदस्यों पर हमला कर दिया.
घायलों में नीमनवासा का रहने वाला 42 वर्षीय राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप और ढाबा चलाने वाला 35 वर्षीय जितेंद्र पंवार शामिल थे.
हमले में राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि बाद में जितेंद्र का शव ढाबे से कुछ दूरी पर झाड़ियों में मिला.
घायलों और मौके पर मौजूद अन्य लोगों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम का पता लगाया जा रहा है.
राहुल के मामा हेमंत सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि राहुल के छोटे भाई को रात करीब 11 बजे शक्ति सिंह नामक व्यक्ति का फोन आया था, जिसमें उसे चेतावनी दी गई थी कि अगर हो सके तो अपने भाई को बचा लो.
इसके बाद परिवार के सदस्य ढाबे पर पहुंचे और राहुल को घायल अवस्था में पाया. चौहान ने बताया कि राहुल और शक्ति ढाबे पर तब गए थे जब राहुल और अर्पित के बीच एक बच्चे को लेकर हुआ पुराना विवाद सुलझ चुका था.
वहां रहने के दौरान कथित तौर पर बहस हुई, जिसके बाद शक्ति ने राहुल को थप्पड़ मार दिया. आरोप है कि राहुल ने जवाब में उसके सिर पर चम्मच से वार किया.
एक अन्य घायल व्यक्ति, श्रवण ने पुलिस को बताया कि झगड़े को शुरू में काबू में कर लिया गया था. बाद में शक्ति ने कथित तौर पर सोनू बंजारा को फोन किया और अपने कई साथियों को बुला लिया.
पुलिस ने बताया कि झड़प में शक्ति भी घायल हुआ है और उसका इलाज चल रहा है. अर्पित, मोहन बाना और सोनू बंजारा फरार हैं.
चिमनगंज पुलिस कथित पुरानी रंजिश, हिंसा की तत्काल वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
चिमनगंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ विवेक कनोडिया ने कहा, “हम घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिसमें मकसद और हर आरोपी की भूमिका शामिल है. सबूतों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.”
–
डीकेएम/पीएम