
नई दिल्ली, 4 अगस्त . भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र जुलाई में अच्छी घरेलू मांग के चलते मजबूत रहा है. इस दौरान यात्री वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 34 प्रतिशत और रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़ी है. यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई.
एचएसबीसी इंडिया की ओर से जारी किए गए विश्लेषण में कहा गया कि भारत में यात्री वाहनों के साथ दोपहिया और ट्रैक्टर्स की मांग ऐसे समय पर मजबूती रही है, जब दुनिया में वैश्विक अस्थिरता के कारण कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही थी.
रिपोर्ट के मुताबिक, पैसेंजर गाड़ियों की मांग में यूटिलिटी गाड़ियों की जबरदस्त बिक्री का अहम योगदान रहा, जबकि ग्राहकों की लगातार दिलचस्पी और बेहतर सप्लाई चेन से भी कार बनाने वाली कंपनियों को फायदा हुआ.
टू-व्हीलर सेगमेंट में, सालाना आधार पर होलसेल वॉल्यूम में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि कुल रिटेल बिक्री 34 प्रतिशत बढ़ी.
इसी तरह, कमर्शियल गाड़ियों (सीवी) की मांग को ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) द्वारा कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा से पहले की गई रिप्लेसमेंट खरीदारी से सहारा मिला.
बड़ी कंपनियों की कुल सीवी (कमर्शियल व्हीकल) बिक्री में साल-दर-साल लगभग 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. हालांकि, रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कमोडिटी की ऊंची कीमतें मुनाफे पर दबाव डाल सकती हैं.
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में टू-व्हीलर और पैसेंजर व्हीकल के लिए कमोडिटी कॉस्ट इंडेक्स में लगभग 10-12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि कमर्शियल व्हीकल और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के इंडेक्स में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
रिपोर्ट के अनुसार, जून तिमाही में कई वाहन निर्माताओं द्वारा कम मुनाफा दर्ज किए जाने के बाद सितंबर तिमाही में भी मार्जिन पर कुछ दबाव बने रहने की उम्मीद है.
इस बीच, इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का चलन मजबूत बना रहा. जुलाई में कुल टू-व्हीलर बिक्री में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की हिस्सेदारी 11.2 प्रतिशत रही, जबकि ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर की पैठ 8 प्रतिशत दर्ज की गई.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हालांकि हाल के हफ्तों में बारिश में सुधार हुआ है, लेकिन जलाशयों का जलस्तर अभी भी लंबे समय के औसत से नीचे बना हुआ है. साथ ही, 2026 में अल-नीनो की घटना की संभावना आने वाले महीनों में ग्रामीण मांग और ट्रैक्टर की बिक्री के लिए अनिश्चितता पैदा कर सकती है.
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एबीएस