
नई दिल्ली, 17 सितंबर . पीएम मोदी के जन्मदिन पर फिनटेक लीडर्स ने गुरुवार को कहा कि उनकी पहलों के चलते देश में मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम खड़ा हुआ है और लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है. साथ ही, बड़ी संख्या में इससे युवाओं को उद्यमी बनने में मदद मिली है.
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर समाचार एजेंसी से बातचीत में मोबिक्विक के सह-संस्थापक, एमडी एंड सीईओ बिपिन प्रीत सिंह ने कहा कि 2014 में उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में तेजी से स्टार्टअप, डिजिटल और पेमेंट इकोसिस्टम मुख्यधारा में आ गए हैं. इस वजह से बीते 12 वर्षों में कई कंपनियां इस क्षेत्र में आई हैं. इससे लोग के जीवन स्तर में सुधार हुआ है और आम लोगों तक वित्तीय सेवाओं को पहुंचाने में मदद मिली है. यह पीएम के निजी स्तर पर रुचि लेने के कारण ही संभव हुआ है.
इसके अवाला एमडीआर पर सिंह ने कहा कि यूपीआई इकोसिस्टम के कारण देश बीते एक दशक में दुनिया में रियल-टाइम पेमेंट में नंबर वन स्थान पर पहुंच गया है. इसे बैंक और वित्तीय कंपनियों द्वारा चलाया जाता है. इसमें एक बड़ी लागत आती है. यूपीआई एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लाने से इसकी स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा. यह 2,000 रुपए से अधिक के लेनदेन पर लगेगा. छोटे कारोबारियों और छोटे लेनदेन पर इसका कोई असर नहीं होगा.
वहीं, पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए फोनपे के फाउंडर एंड सीईओ समीर निगम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी डिजिटल पेमेंट, स्टार्टअप और डिजिटल इंडिया के सबसे बड़े प्रमोटर हैं. बीते 13 वर्षों में उन्होंने अपनी योजनाओं के जरिए एक मजबूत आधार तैयार किया है. इससे बड़ी संख्या में युवाओं को उद्यमी बनने में मदद मिली है.
यूपीआई एमडीआर पर निगम ने स्पष्ट किया कि ग्राहक पहले की तरह ही बिना किसी शुल्क के यूपीआई का उपयोग करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि 1 लाख रुपए से कम वार्षिक कारोबार वाले छोटे व्यापारी भी एमडीआर व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगे.
उन्होंने कहा, “एमडीआर में यूपीआई ग्राहकों के लिए कोई शुल्क नहीं है. ग्राहकों से यूपीआई इस्तेमाल करने के लिए कभी शुल्क नहीं लिया गया और भविष्य में भी नहीं लिया जाएगा.”
समीर निगम ने बताया कि बड़े दुकानदारों के मामले में भी 96 प्रतिशत लेनदेन, जो 2,000 रुपए से कम राशि के होते हैं और यह किसी भी शुल्क के दायरे में नहीं आएंगे.
उन्होंने बताया कि 2,000 रुपए से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा और इसका भुगतान ग्राहक नहीं, बल्कि व्यापारी करेंगे.
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एबीएस